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Jantar Mantar Lathicharge: सोनम वांगचुक के समर्थन और NEET पेपर लीक पर भड़की गोंडवाना गणतंत्र पार्टी

लखनऊ/वाराणसी: जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक और NEET परीक्षार्थियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP) ने खोला मोर्चा।

 

भदैनी मिरर: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रसिद्ध पर्यावरणविद सोनम वांगचुक के समर्थन में और NEET परीक्षा धांधली को लेकर चल रहे आंदोलन पर हुए पुलिसिया बल प्रयोग का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (जीजीपी), उत्तर प्रदेश ने 20 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों और समर्थकों पर हुए लाठीचार्ज व आंसू गैस के प्रयोग की कड़े शब्दों में निंदा की है।

पार्टी के प्रदेश नेतृत्व (प्रदेश अध्यक्ष सुक्खू सिंह मरावी व लालबहादुर प्रसाद) ने महामहिम राष्ट्रपति और महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश को ज्ञापन भेजकर लोकतंत्र व संविधान की रक्षा की गुहार लगाई है।

"तानाशाही नहीं, संवाद चाहिए": GGP का केंद्र सरकार पर हमला

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस द्वारा केंद्रीय गृह मंत्रालय की निगरानी में शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों पर बर्बरतापूर्वक लाठियां बरसाई गईं और आंसू गैस के गोले दागे गए। पार्टी ने कहा कि अपने अधिकारों और शिक्षा-पर्यावरण के संरक्षण की मांग कर रहे युवाओं पर इस तरह का बल प्रयोग लोकतंत्र और संविधान के लिए शर्मनाक है।

पार्टी ने नारा दिया— "लाठी नहीं, न्याय चाहिए, तानाशाही नहीं, संवाद चाहिए।"

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की मुख्य मांगें:

1. सोनम वांगचुक के आंदोलन और NEET गड़बड़ियों पर मांगे:

  • NTA को तुरंत भंग किया जाए: प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक और धांधली पर जवाबदेही तय करते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग किया जाए और NEP 2020 (राष्ट्रीय शिक्षा नीति) को वापस लिया जाए।

  • शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: NEET समेत अन्य परीक्षाओं में अव्यवस्था और भ्रष्टाचार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा लिया जाए।

2. लाठीचार्ज प्रकरण और दमनकारी कार्रवाई पर मांगे:

  • गृह मंत्री की बर्खास्तगी: जंतर-मंतर पर निहत्थे छात्रों पर लाठीचार्ज कराने के आरोप में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह को पद से बर्खास्त किया जाए।

  • सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से जांच: पूरे लाठीचार्ज और आंसू गैस प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराई जाए और दोषी पुलिस अधिकारियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज हो।

  • घायलों को ₹10 लाख का मुआवजा: लाठीचार्ज में घायल सभी छात्र-छात्राओं और समर्थकों का पूरा इलाज सरकारी खर्च पर कराया जाए तथा प्रत्येक घायल को ₹10 लाख का मुआवजा दिया जाए।

  • आंदोलन के संवैधानिक अधिकार की सुरक्षा: संविधान के अनुच्छेद 19(1) के तहत देश के नागरिकों को मिलने वाले शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन के अधिकार को बिना किसी दमन के सुनिश्चित किया जाए।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजी गई प्रतिलिपि

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह सोनम वांगचुक और देश के युवाओं द्वारा न्याय व जनहित में चलाए जा रहे इस आंदोलन का पूर्ण समर्थन करती है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने इस संबंध में ज्ञापन की प्रतिलिपि माननीय प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और मुख्य सचिव (उत्तर प्रदेश शासन) को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की है।