IPS राठौर किरीट कुमार हरिभाई बने वाराणसी के नए अपर पुलिस आयुक्त; जानें सिविल इंजीनियर से IPS बनने की पूरी कहानी
जब साइबर ठगों ने उन्हें किया था डिजिटल अरेस्ट करने की कोशिश, 2010 बैच के IPS है हरिभाई
वाराणसी (भदैनी मिरर)। उत्तर प्रदेश शासन ने पुलिस प्रशासनिक महकमे में फेरबदल करते हुए 2010 बैच के वरिष्ठ IPS अधिकारी राठौर किरीट कुमार हरिभाई (Rathod Kirit Kumar Haribhai) को अपर पुलिस आयुक्त (Additional Commissioner of Police), वाराणसी के पद पर तैनात किया है।
वाराणसी आने से पूर्व वह लखनऊ में पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG), पीएसी (PAC) सेक्टर के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। अपनी ईमानदारी, शांत स्वभाव और सख्त कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले IPS किरीट हरिभाई के वाराणसी आगमन से जिले में कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
2001 भुज भूकंप ने बदला जीवन का लक्ष्य
गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के मूली तालुका स्थित 'कलमाद' गांव में 19 मई 1979 को जन्मे किरीट राठौर का शुरुआती जीवन सामान्य रहा। उनके माता-पिता पेशे से प्राथमिक शिक्षक थे। उन्होंने मोरबी के एल.ई. इंजीनियरिंग कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग (B.E.) की और वडोदरा से ट्रांसपोर्टेशन इंजीनियरिंग में एम.ई. (M.E.) पूरी की।
उन्होंने निजी कंपनियों में रेलवे पुल निर्माण और भुज सिंचाई विभाग में बतौर सहायक अभियंता (Assistant Engineer) कार्य किया। 26 जनवरी 2001 को गुजरात में आए विनाशकारी भूकंप के दौरान राहत एवं पुनर्वास कार्यों में लगे प्रशासनिक अधिकारियों के मानवीय प्रभाव ने उन्हें बेहद प्रभावित किया। इसी घटना के बाद उन्होंने समाज सेवा के उद्देश्य से सिविल सर्विसेज में जाने का फैसला किया।
कन्नौज से लखनऊ तक: बेदाग और मजबूत प्रशासनिक करियर
कठिन परिश्रम के दम पर किरीट हरिभाई ने UPSC की परीक्षा पास की और 20 दिसंबर 2010 को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में शामिल हुए। उत्तर प्रदेश कैडर मिलने के बाद वह राज्य के इकलौते गुजराती IPS अधिकारी के रूप में पहचाने गए। वे यूपी के कई संवेदनशील जिलों- जैसे कन्नौज, सोनभद्र और पीलीभीत में पुलिस अधीक्षक (SP) रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने आगरा में क्षेत्रीय खुफिया (SP Regional Intelligence) और लखनऊ में SIT के SP पद की जिम्मेदारी बखूबी निभाई। लखनऊ में PAC की 35वीं वाहिनी के सेनानायक रहने के बाद योगी सरकार ने 1 जनवरी 2024 को उन्हें DIG (पुलिस उपमहानिरीक्षक) पद पर पदोन्नत किया था।
डीजीपी गोल्ड और सिल्वर डिस्क से हो चुके हैं सम्मानित
उत्कृष्ट और अनुशासित सेवाओं के लिए IPS किरीट कुमार राठौर को यूपी पुलिस के सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा जा चुका है:
- * डीजीपी कमेंडेशन डिस्क (सिल्वर): 26 जनवरी 2023
- * डीजीपी कमेंडेशन डिस्क (गोल्ड): 15 अगस्त 2023
चर्चा में रहा साइबर ठगों को सबक सिखाने का मामला
वर्ष 2024 में IPS राठौर तब सुर्खियों में आए थे जब साइबर ठगों ने अनजाने में उनके ही आधिकारिक नंबर पर कॉल कर दिया। ठगों ने खुद को जम्मू-कश्मीर पुलिस का अफसर बताकर उन्हें "डिजिटल अरेस्ट" करने की धमकी दी। किरीट राठौर ने अपनी सूझबूझ से ठगी की कोशिश भांप ली और जब अपना असली परिचय IPS अधिकारी के रूप में दिया तो ठगों के होश उड़ गए। इसके बाद उन्होंने तत्काल एफआईआर दर्ज कराकर गिरोह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई थी।
वाराणसी में प्राथमिकताओं पर रहेगा जोर
धर्मनगरी और वीवीआईपी शहर वाराणसी में अपर पुलिस आयुक्त के रूप में कमान संभालने जा रहे राठौर किरीट कुमार हरिभाई से शहर की यातायात व्यवस्था, साइबर अपराध पर लगाम और कानून-व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त करने की उम्मीद है। उनकी नियुक्ति से बनारस पुलिस बल को एक अनुभवी और तकनीकी रूप से दक्ष नेतृत्व मिला है।