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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस : महिला लोको पायलटों ने किया ट्रेनों का संचालन

महिला रेलकर्मियों ने तीन मेमू पैसेंजर गाड़ियों और एक मालगाड़ी का किया संचालन 

 

रेलवे सुरक्षा बल ट्रेनों में यात्रा करने वाली महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिये चला रहा मेरी सहेली अभियान

वाराणसी, भदैनी मिरर। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विविध आयोजन किये गये। इसी क्रम में रविवार को वाराणसी मंडल के बनारस, प्रयागराज रामबाग एवं वाराणसी सिटी रेलवे स्टेशनों से तीन मेमू पैसेंजर गाड़ियों और एक मालगाड़ी का संचालन  महिला रेल कर्मियों द्वारा किया गया। 

इस अवसर पर पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के बनारस स्टेशन से झूंसी के लिए गाड़ी सं 65129 (बनारस-झूंसी-बनारस डेमू) ट्रेन को महिला वरिष्ठ सहायक लोको पायलट श्रेया तिवारी द्वारा  संचालित किया गया। इसी क्रम में वाराणसी सिटी से गाड़ी सं 65106 (वाराणसी सिटी-गाजीपुर सिटी-वाराणसी डेमू) को महिला वरिष्ठ सहायक लोको पायलट सुष्मिता कुमारी द्वारा परिचालित किया गया। 65114 (प्रयागराज रामबाग-बनारस डेमू) को सहायक लोको पायलट नीतू बाला द्वारा और एम्प्टी कोचिंग रेक ईसीआर को वाराणसी सिटी से महिला सहायक लोको पायलट अनिता कुमारी द्वारा संचालित किया गया। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल पर महिला कर्मचारियों और यात्रियों के अनुकूल वातावरण बनाने के लिये व्यापक कदम उठाये गये हैं। महिला कर्मचारियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता करने के लिये समय-समय पर सेमिनार एवं जागरूकता नाटकों का मंचन किया जाता है। वाराणसी मंडल के सभी संवर्गों में महिलायें कार्यरत हैं और पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही हैं। रेलवे में महिला कर्मचारी लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, कॉन्सटेबल, टीटीई, सिगनल एवं दूर संचार अनुरक्षक, ट्रैक मेन्टेनर इत्यादि पदों पर अपना योगदान दे रही हैं। 

रेलवे सुरक्षा बल ने ट्रेनों में यात्रा करने वाली महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिये मेरी सहेली अभियान शुरू किया है। मेरी सहेली में महिला आरपीएफ कर्मचारियों की टीम सम्मिलित है, जो अकेले यात्रा कर रही महिला यात्रियों से मिलकर उन्हें आश्वासन देती है कि रेलवे उनकी देखभाल करने के लिये प्रतिबद्ध है। मेरी सहेली टीम यात्रा के दौरान किसी तरह की शिकायत के लिये रेलवे हेल्पलाइन 139 के बारे में उन्हें जागरूक करती है। यह टीम संकट में फंसी महिला यात्रियों की सहायता करती हैं।