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वाराणसी से देश के पहले 'हब एंड स्पोक' मॉडल का शुभारंभ, अब बाबतपुर एयरपोर्ट पर ही होगा इंटरनेशनल इमीग्रेशन और बैगेज चेक-इन

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू और एयर इंडिया ने किया 'ईजी कनेक्ट' फ्लाइट का उद्घाटन; पूर्वांचल और बिहार के यात्रियों को मिलेगी दिल्ली-मुंबई जैसे झंझटों से मुक्ति।

 

वाराणसी (भदैनी मिरर): काशी के लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (बाबतपुर) ने आज भारतीय विमानन उद्योग (Aviation Industry) में एक नया इतिहास रच दिया है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने देश के पहले 'हब एंड स्पोक' (Hub-and-Spoke) मॉडल के तहत एयर इंडिया की 'ईजी कनेक्ट' (Easy Connect) विमान सेवा का भव्य उद्घाटन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत काशी की सांस्कृतिक विरासत यानी गंगा आरती की झलक के साथ हुई, जिसके बाद केंद्रीय मंत्री ने दीप प्रज्वलित कर इस ऐतिहासिक सेवा का शुभारंभ किया। उन्होंने पहले यात्री को इस खास फ्लाइट का कमेमोरेटिव बोर्डिंग पास भी सौंपा।

अब दिल्ली-मुंबई में दोबारा नहीं कराना होगा बैगेज चेक-इन और इमीग्रेशन

इस नई व्यवस्था के लागू होने से पूर्वांचल और बिहार के अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की विदेश यात्रा बेहद आसान और सुविधाजनक हो जाएगी। अब तक यात्रियों को वाराणसी से दिल्ली या मुंबई जाने के बाद वहां दोबारा लंबी लाइनों में लगकर बैगेज चेक-इन, कस्टम क्लीयरेंस और इमीग्रेशन की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था।

लेकिन अब, 'ईजी कनेक्ट' सेवा के जरिए:

  • यात्रियों का कस्टम और इमीग्रेशन वाराणसी एयरपोर्ट पर ही पूरा हो जाएगा।

  • सामान (Baggage) सीधे वाराणसी से बुक होकर उनके अंतिम विदेशी गंतव्य तक पहुंचेगा।

  • दिल्ली या मुंबई जैसे हब एयरपोर्ट पर यात्रियों का समय बचेगा और वे बिना किसी मानसिक तनाव के सीधे इंटरनेशनल कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ सकेंगे।

आज वाराणसी से रवाना हुई पहली फ्लाइट (AI1111) के जरिए यात्रियों ने दिल्ली से आगे दुबई, कोलंबो, जेद्दा, रियाद, काठमांडू और फुकेत जैसे 9 अंतरराष्ट्रीय शहरों के लिए बेहद आसानी से सफर तय किया।

वाराणसी के बाद देश के 11 और शहरों में शुरू होगी सेवा

इस मौके पर केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा, "आज हम हवाई यात्रा को अधिक सुलभ और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रहे हैं। इस मॉडल से देश का कोई भी नागरिक अपने गृह शहर से ही वैश्विक यात्रा की शुरुआत पूरी सहजता और आत्मविश्वास के साथ कर सकता है।"

एयर इंडिया के सीईओ और एमडी कैंपबेल विल्सन ने बताया कि भारत के लगभग 85% अंतरराष्ट्रीय यात्री वर्तमान में विदेशी हब का उपयोग करते हैं। 'ईजी कनेक्ट' इसे बदलेगा। वाराणसी के बाद अगले कुछ महीनों में इस सेवा का विस्तार अहमदाबाद, अमृतसर, चेन्नई, गोवा, गुवाहाटी, हैदराबाद, कोच्चि, मुंबई, पटना, वडोदरा और विशाखापत्तनम जैसे 11 और शहरों में किया जाएगा।

किसानों के लिए भी खुलेगा तरक्की का रास्ता: विदेशों में महकेगी पूर्वांचल की सब्जी और बिहार की लीची

इस हब एंड स्पोक मॉडल का फायदा सिर्फ यात्रियों को ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के किसानों को भी मिलने जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें लाभकारी बनाने के लिए अब वाराणसी एयरपोर्ट से देश-दुनिया के कई शहरों में ताजी फल और सब्जियां भेजी जा रही हैं।

इस नई कार्गो सुगमता के चलते बिहार और असम की मशहूर लीची, और पूर्वांचल की ताजी सब्जियां अब सीधे सिंगापुर और दुबई समेत दुनिया के कई बड़े देशों के बाजारों में पहुंच रही हैं, जिससे स्थानीय कृषि व्यापार को एक नई उड़ान मिली है।

यात्रियों के लिए जरूरी गाइडलाइन: 'डिजी यात्रा' अनिवार्य

'ईजी कनेक्ट' फ्लाइट का लाभ उठाने के लिए भारतीय नागरिकों के लिए 'डिजी यात्रा' (DigiYatra) ऐप पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा। यात्रियों को प्रस्थान से पहले ऐप पर अपना बोर्डिंग पास अपलोड करना होगा। ध्यान रहे कि स्पोक एयरपोर्ट्स (जैसे वाराणसी) पर वेब चेक-इन और कस्टम डिक्लेरेशन की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। इसकी बुकिंग एयर इंडिया की वेबसाइट, मोबाइल ऐप और ट्रैवल एजेंट्स के जरिए शुरू हो चुकी है।