IMS BHU के प्रो. बिक्रम गुप्ता को नीति आयोग में बड़ी जिम्मेदारी, राष्ट्रीय विशेषज्ञ समिति के बने सदस्य
देश में क्रिटिकल केयर और टेली आईसीयू नेटवर्क को मजबूत करने के लिए बनाई गई है राष्ट्रीय समिति।
वाराणसी (भदैनी मिरर): काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (IMS) के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। आईएमएस बीएचयू में क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर और टेली आईसीयू के इंचार्ज प्रो. बिक्रम कुमार गुप्ता को भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। नीति आयोग ने उन्हें 'भारत में क्रिटिकल केयर इकोसिस्टम को सुदृढ़ बनाने' के लिए गठित राष्ट्रीय विशेषज्ञ समिति की टेली-आईसीयू उपसमिति का सदस्य नामित किया है।
देशभर में टेली आईसीयू नेटवर्क को मजबूत करना है उद्देश्य
भारत सरकार द्वारा गठित यह राष्ट्रीय विशेषज्ञ समिति प्रो. एम श्रीनिवास की अध्यक्षता में काम कर रही है। इस हाई-लेवल कमेटी का मुख्य उद्देश्य देश के सुदूर इलाकों तक क्रिटिकल केयर (आपातकालीन चिकित्सा) से संबंधित स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना, नीति निर्माण करना और टेली आईसीयू नेटवर्क के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण सुझाव तैयार करना है। प्रो. बिक्रम गुप्ता की इस क्षेत्र में विशेषज्ञता को देखते हुए उन्हें इस उपसमिति में शामिल किया गया है।
संस्थान में खुशी की लहर, मिला प्रबुद्धजनों का आशीर्वाद
नीति आयोग द्वारा इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए नामित होने पर आईएमएस बीएचयू में हर्ष का माहौल है। आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एस.एन. संखवार और डीन प्रो. संजय कुमार ने प्रो. बिक्रम गुप्ता को इस गौरवमयी उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। चिकित्सा जगत से जुड़े अन्य विशेषज्ञों का कहना है कि प्रो. गुप्ता के इस समिति में शामिल होने से देश के साथ-साथ पूर्वांचल के क्रिटिकल केयर हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को भी नई दिशा मिलेगी।
वाराणसी की अन्य छोटी खबर (Brief News):
नव विस्तारित इलाकों में जल्द बहाल होगी पानी की आपूर्ति, बिछाई जा रही नई पाइपलाइन वाराणसी:
शहर के कुछ इलाकों में पानी की आपूर्ति ठप होने से परेशान कॉलोनी के लोगों ने प्रशासन से नई पाइपलाइन डालने की मांग की है। इस जन समस्या पर संज्ञान लेते हुए जलकल सचिव विश्वनाथ ने बताया कि शहर के नव विस्तारित (नए जुड़े) इलाकों में पानी की सुचारू आपूर्ति के लिए युद्धस्तर पर नई पाइपलाइन बिछाई जा रही है। जल्द ही कार्य पूरा कर जलापूर्ति पूरी तरह बहाल कर दी जाएगी।