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"मुझमें सुपरमैन जैसी शक्तियां नहीं..."; ड्यूटी के बोझ से परेशान सिपाही ने व्हाट्सएप ग्रुप में डाला इस्तीफा

गलती का एहसास होने पर वापस लिया, मिल गया 5 दिन का अवकाश

 

वाराणसी (भदैनी मिरर)। काम के अत्यधिक दबाव और लगातार बदलती शिफ्टों से परेशान होकर वाराणसी पुलिस के एक रिक्रूट सिपाही ने ऐसा कदम उठाया, जिससे महकमे में हड़कंप मच गया। सिपाही ने रामनगर पुलिस द्वारा स्थानीय नागरिकों और सूचना समन्वय के लिए बनाए गए आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में सीधे पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) के नाम लिखा अपना इस्तीफा पोस्ट कर दिया।

'मुझमें विशिष्ट मानव जैसी शक्तियां नहीं'

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए इस इस्तीफे में सिपाही का दर्द और खींच साफ झलक रही थी। सिपाही ने अपने प्रार्थना-पत्र में लिखा, "मैं अभी इतना सक्षम नहीं हूं कि 24 घंटे 7 दिन लगातार कार्य कर सकूं। चूंकि मुझमें किसी विशिष्ट मानव जैसी शक्तियां नहीं हैं, अतः महोदय से निवेदन है कि मुझे कार्यमुक्त कर कृतार्थ करें।"

सार्वजनिक ग्रुप में सिपाही के इस तरह इस्तीफा डालने की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे के आला अधिकारी हरकत में आ गए।

लगातार ड्यूटी और छुट्टी न मिलने से था नाराज

पूछताछ में सामने आया कि सिपाही की ड्यूटी हाल के दिनों में लगातार बीएचयू (BHU) ट्रॉमा सेंटर में लग रही थी। सोमवार रात 10 बजे तक ड्यूटी करने के बाद अगले दिन मंगलवार सुबह 8 बजे ही उसे दोबारा ड्यूटी पर बुला लिया गया। पारिवारिक वजहों से परेशान सिपाही जब छुट्टी मांगने हेड मोहर्रिर के पास गया, तो उसकी छुट्टी स्वीकृत नहीं की गई। इसी तनाव और थकान में आकर उसने व्हाट्सएप ग्रुप पर इस्तीफा पोस्ट कर दिया।

काउंसलिंग के बाद लिया इस्तीफा वापस, 5 दिन की मिली छुट्टी

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह और थाना प्रभारी संजय मिश्रा ने सिपाही को तलब किया। अधिकारियों द्वारा की गई काउंसलिंग और समझाने के बाद सिपाही को अपनी गलती का अहसास हुआ, जिसके बाद उसने व्हाट्सएप ग्रुप से इस्तीफा पत्र डिलीट कर दिया।

रामनगर थाना प्रभारी संजय मिश्रा ने बताया कि सिपाही पारिवारिक कारणों और मानसिक तनाव में था। अधिकारियों ने उसकी स्थिति को समझते हुए 10 सितंबर से उसका 5 दिनों का अवकाश स्वीकृत कर दिया है, जिसके बाद वह अपने घर रवाना हो रहा है।

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