प्रयागराज से वाराणसी तक उफान पर गंगा: मणिकर्णिका घाट जलमग्न, छतों पर शवदाह शुरू; अगले 48 घंटे भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
पहाड़ों पर बारिश से प्रयागराज से काशी तक बढ़ा बाढ़ का खतरा, मणिकर्णिका पर छत और हरिश्चंद्र के गलियों में होगा अंतिम संस्कार
भदैनी मिरर (डिजिटल डेस्क): पहाड़ों और गंगा-यमुना के कैचमेंट एरिया में हो रही लगातार भारी बारिश के कारण प्रयागराज से लेकर वाराणसी तक गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। काशी में गंगा के रौद्र रूप ने तटवर्ती इलाकों और घाटों पर हलचल तेज कर दी है। जलस्तर में 7 सेंटीमीटर प्रति घंटे की गति से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे महाश्मशान मणिकर्णिका घाट और हरिश्चंद्र घाट के कई शवदाह स्थल पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं।
मणिकर्णिका की छतों और हरिश्चंद्र की गलियों में अंतिम संस्कार
गंगा के तेजी से बढ़ते जलस्तर के कारण मणिकर्णिका घाट पर नीचे बने चिता स्थल पानी में डूब गए हैं। इसके चलते अब घाट की छतों पर शवदाह की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, हरिश्चंद्र घाट पर भी स्थितियां बिगड़ने लगी हैं, जहाँ सोमवार से गलियों में शवदाह करने की नौबत आ गई है।
गंगा के इस उफान से घाट किनारे अपनी रोजी-रोटी चलाने वाले दुकानदारों, तीर्थ पुरोहितों और नाविकों की परेशानियां बढ़ गई हैं। कई छोटी दुकानें और पूजा-सामग्री की गुमटियां ऊपर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दी गई हैं।
अस्सी घाट के 'सुबह-ए-बनारस' मंच तक पहुंचा पानी
अस्सी, रीवा और रविदास घाटों पर जलस्तर लगातार ऊपर चढ़ रहा है। दस सीढ़ियाँ और चढ़ने के बाद पानी 'सुबह-ए-बनारस' के मुख्य सांस्कृतिक मंच को छू लेगा। पानी के फैलाव के कारण तुलसी घाट से पनपावा घाट का संपर्क टूट गया है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने गंगा में नौका संचालन पर रोक लगा दी है और असि व वरुणा नदी के तटीय इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है।
केंद्रीय जल आयोग और प्रशासन की तैयारी
केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अनुसार, प्रयागराज और मिर्जापुर में जलस्तर 6 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर अगले 48 घंटों तक वाराणसी में देखने को मिलेगा।
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वर्तमान जलस्तर: 65.30 मीटर (रविवार रात तक)
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चेतावनी बिंदु (Warning Level): 70.262 मीटर
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खतरे का निशान (Danger Level): 71.262 मीटर
डीएम सत्येंद्र कुमार ने बताया कि उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में हो रही भारी बारिश के कारण गंगा और यमुना में उफान आया है। राहत और बचाव कार्यों के लिए NDRF, जल पुलिस और राजस्व विभाग की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
प्रयागराज में संगम का 80% हिस्सा जलमग्न
प्रयागराज में यमुना और टोंस नदी के उफान पर होने से संगम का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा पानी में डूब चुका है। सलोरी एसटीपी के पास गंगापथ तक पानी पहुँचने से कछारी इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बक्शीबांध स्लूज गेट पर सिंचाई विभाग की निगरानी बढ़ा दी गई है।
अगले 48 घंटों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
एक तरफ जहाँ नदियाँ उफान पर हैं, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के लिए सोमवार और मंगलवार को भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 22 अगस्त तक मानसूनी बादल बने रहेंगे और रुक-रुक कर भारी वर्षा की संभावना बनी रहेगी।