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बिहार से धोखे से दोस्त को गांव बुलाया और रस्सी से गला कसकर मारा डाला

छपरा (बिहार) का रहनेवाला था आफताब आलम, महंगाव में साथी के साथ मिलकर दिया वारदात को अंजाम 

 

बंगलुरू में हत्यारोपित के साथ काम करता था आफताब, ताने मारने और मजाक उड़ाने से नाराज होकर कर दी हत्या

वाराणसी, भदैनी मिरर। सिंधोरा पुलिस ने आफताब आलम की हत्या के मामले में उसके दोस्त वीरेन्द्र यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से घटना में प्रयुक्त रस्सी, मृतक का आधार कार्ड, आईडी कार्ड आदि बरामद किया है। हत्यारोपित वीरेंद्र ने बताया कि आफताब उसे बार-बार ताने देता था और उसका मजाक उड़ाता था। इससे तंग आकर उसने उसकी रस्सी से गला कसकर हत्या कर दी थी।

पुलिस को महागाव मढ़ई गांव के पोखरे के पास 30 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना मिली थी। पुलिस पहुंची तो उसके मुंह और नाक से खून निकला था। मौके पर बैग से आई-कार्ड बरामद हुआ। जिस पर मृतक का नाम आफताब आलम पुत्र कलामुद्दीन, पता रामपुर, के.एच. कार्ड तथा कंपनी का नाम सिद्धार्थ ऑटोमेटिक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड अंकित था। बाद में शव की शिनाख्त आफताब आलम पुत्र कलामुद्दीन आलम, निवासी जहाँगीरपुर, सुहाई, साहपुर, थाना-बनियापुर, जिला-छपरा, बिहार के रूप में हुई। इस मामले में मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए थाने में तहरीर दी थी। तहरीर में बताया गया कि अंतिम संस्कार के बाद मृतक के बैंक खाते से 500 रुपये वीरेंद्र नामक व्यक्ति को ट्रांसफर किए गए थे।

फिर सात जनवरी को खजुरी रोड, पाण्डेयपुर स्थित एटीएम से 1000 रुपये, उसी एटीएम से फिर 500 रुपये निकाले गए। इसके बाद आठ जनवरी को मृतक के खाते से 40,000 रुपये यू.पी.आई. के माध्यम से वीरेंद्र के खाते में ट्रांसफर किए गए और शेष बची धनराशि 779 रुपये भी उसी दिन ट्रांसफर कर दिये गये। इसके बाद पुलिस ने 25 जनवरी को चोलापुर थाना क्षेत्र के लश्करपुर निवासी वीरेन्द्र यादव को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में वीरेंद्र ने बताया कि वह और आफताब बंगलुरू में साथ काम करते और साथ रहते थे। वहां कार्य के दौरान आफताब से उसका झगड़ा हुआ था। आफताब उसका मजाक उड़ाता रहता था, जिससे उसे काफी आत्मग्लानि होती थी। इसी कारण अभियुक्त ने आफताब से बदला लेने का निश्चय किया। वह मौके की तलाश में था।

सात जनवरी को आफताब ने बताया कि वह अपने गांव से बनारस ट्रेन से आ रहा है। मैंने अपने एक दोस्त को अपने साथ मिला लिया। उसे बहला-फुसलाकर रात में मैं अपने दोस्त के साथ आफताब को लेकर महगांव में सुनसान जगह पर लाया। फिर हम दोनों ने मिलकर रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। अब पुलिस हत्या में शामिल उसके दूसरे दोस्त की तलाश कर रही है। वीरेंद्र अपराधी प्रवृत्ति का है। उसके खिलाफ चोलापुर थाने में पहले से चार मुकदमे दर्ज हैं। उसे गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में थाना प्रभारी ज्ञानेन्द्र कुमार त्रिपाठी, एसआई रोहित कुमार, अंकित सिंह, हेड कांस्टेबल शिवशंकर सिंह चौहान, राकेश राम और कांस्टेबल संतोष कुमार रहे।