वाराणसी में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई: अखाद्य पूजा घी और दीया तेल की बिक्री पर रोक
शिवपुर, जतनबर और राजातालाब में खाद्य सुरक्षा टीम की रेड; बिना 'ब्लैक क्रॉस' बिक रहे पूजा घी और दीपक तेल को किया प्रतिबंधित, सैंपल जांच को भेजा।
भदैनी मिरर डिजिटल डेस्क: त्योहारों के सीजन से पहले वाराणसी में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरों और नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों—शिवपुर, जतनबर, हरतीरथ और राजातालाब—में बड़े पैमाने पर छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त (अखाद्य) पूजा घी और दीया जलाने वाले तेल की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई।
शिवपुर में 'गोपाल भोग' नाम से बिक रहा था अखाद्य तेल
शिवपुर स्थित (S 30/44) राजेश केशरी के प्रतिष्ठान पर छापेमारी के दौरान 'गोपाल भोग' नाम से नॉन-एडिबल ऑयल (दीपक जलाने का तेल) का निर्माण और विशाल भंडारण मिला।
जांच में पाया गया कि पैकेट पर अखाद्य तेल के लिए अनिवार्य काले क्रॉस (Black Cross) का निशान नहीं था और लेबलिंग नियमों की अनदेखी की गई थी। मौके से 50 मिली के 15 बड़े झोले (प्रत्येक झोले में 200 पाउच) मिले, जिनकी बिक्री पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने रोक लगा दी।
जतनबर और हरतीरथ में भी पकड़ा गया अवैध पूजा घी और तेल
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बंगाली बाड़ा (जतनबर): बचाऊ केशरी के प्रतिष्ठान (K 43/53) पर छापेमारी कर 14,490 रुपये मूल्य का 'साधना सुगंधित पूजा घी' जब्त किया गया। लेबल पर अनिवार्य अखाद्य चिन्ह न होने के कारण इसकी बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई।
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हरतीरथ (विश्वेश्वरगंज): राजाराम सत्य नारायण प्रसाद के प्रतिष्ठान (K 46/45 C-1) से 12,600 रुपये मूल्य का 'गोपाल भोग स्पेशल नॉन-एडिबल ऑयल' (50 मिली के 700 पैकेट) पकड़ा गया। यहाँ भी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की गई।
राजातालाब से सैंपल लेकर भेजा गया लैब
कार्रवाई की इसी कड़ी में मौजा बीरभानपुर (राजातालाब) स्थित एक प्रतिष्ठान से 'दीपन घी' (मंगल भवन ब्रांड) का नमूना (Sample) संग्रहित कर राजकीय प्रयोगशाला भेजा गया है। लैब रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सहायक आयुक्त की चेतावनी: "ब्लैक क्रॉस लगाना अनिवार्य"
सहायक आयुक्त (खाद्य) कौशलेन्द्र शर्मा ने बताया कि जो तेल या घी खाने योग्य नहीं है (केवल पूजा-पाठ/दीपक के लिए है), उसके पैकेट पर काले क्रॉस (Black Cross) का चिन्ह लगाना कानूनी रूप से अनिवार्य है। इससे आम ग्राहक भ्रमित होने या धोखा खाने से बचते हैं। उन्होंने सभी विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिया है कि बिना नियम पालन किए अखाद्य तेल या घी की बिक्री करने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।