वाराणसी में फर्जी दरोगा गिरफ्तार: पुलिसिया रौब दिखाकर सिपाहियों को भी डांटा, नौकरी के नाम पर दोस्तों से की ठगी
चोलापुर पुलिस की गिरफ्त में आया शिवपुर का शातिर 'राजन', लखनऊ तक जुड़े हैं तार; असली जैसी वर्दी देखकर पुलिस भी रह गई हैरान।
वाराणसी (भदैनी मिरर)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पुलिस की वर्दी पहनकर रौब जमाने और नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक फर्जी सब-इंस्पेक्टर (दरोगा) को चोलापुर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बुधवार सुबह हुई इस कार्रवाई के बाद से ही इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। पकड़े गए फर्जी दरोगा का व्यवहार और वर्दी इतनी हूबहू असली जैसी थी कि एक पल के लिए पुलिसकर्मी भी गच्चा खा गए। हद तो तब हो गई जब गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने असली सिपाहियों पर ही पुलिसिया रौब झाड़ते हुए उन्हें फटकार लगा दी।
दोस्तों और रिश्तेदारों को बनाता था निशाना
मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार युवक की पहचान शिवपुर थाना क्षेत्र के इंदरपुर निवासी 22 वर्षीय राजन के रूप में हुई है। राजन सब-इंस्पेक्टर की वर्दी पहनकर अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के बीच धौंस जमाता था। आरोप है कि उसने अपने ही एक करीबी दोस्त को यूपी पुलिस में नौकरी लगवाने का झांसा दिया और इसके एवज में मोटी रकम की मांग कर रहा था। आरोपी की संदिग्ध गतिविधियों और बार-बार पैसों की मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने इसकी गुप्त सूचना चोलापुर पुलिस को दी।
असली जैसी वर्दी और बातचीत का तरीका देखकर पुलिस हैरान
चोलापुर थाना क्षेत्र की मुर्दहा पुलिस चौकी के अंतर्गत जब पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी राजन को हिरासत में लिया, तो उसका आत्मविश्वास देखकर हर कोई दंग रह गया। उसकी वर्दी, नेमप्लेट, बातचीत की शैली और हाव-भाव बिल्कुल किसी असली पुलिस अधिकारी जैसे थे। पहली नजर में उसे पहचान पाना नामुमकिन था।
लखनऊ तक जुड़े हैं तार, जाँच में जुटी पुलिस
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चोलापुर थाना प्रभारी निरीक्षक सधुबन राम गौतम ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर चोलापुर थाने में गहन पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, इस शातिर ठग के संपर्क वाराणसी के अलावा राजधानी लखनऊ तक फैले होने की आशंका है।
थाना प्रभारी सधुबन राम गौतम ने मीडिया को बताया कि "मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच की जा रही है। यह स्पष्ट किया जा रहा है कि आरोपी ने अब तक नौकरी दिलाने के नाम पर कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और क्या वह किसी बड़े अंतर्राज्यीय ठग गिरोह का हिस्सा है या किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में संलिप्त रहा है। जांच के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।"
चोलापुर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि राजन के पास पुलिस की यह वर्दी और अन्य सामान कहाँ से आए और इस रैकेट में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं।