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वाराणसी में फर्जी दरोगा गिरफ्तार: PicsArt ऐप से बनाता था पुलिस ID, वर्दी पहनकर 10 लोगों से की ठगी

शिवपुर का राजन प्रजापति बना था नकली सब-इंस्पेक्टर, घरवालों को भी रखा धोखे में

 

वाराणसी। उत्तर प्रदेश की वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत एक ऐसे शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है, जो खुद को सब-इंस्पेक्टर (दरोगा) बताकर इलाके में रौब गांठता था और बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करता था। थाना चोलापुर पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर आयर बाजार औरा नहर के पास से इस फर्जी दरोगा को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान राजन प्रजापति (उम्र 23 वर्ष), पुत्र सभापति प्रजापति, निवासी इन्द्रपुर (थाना शिवपुर, वाराणसी) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से दरोगा की वर्दी, स्टार, फर्जी आईडी कार्ड और कई अन्य सामान बरामद किए हैं।

PicsArt ऐप से खुद ही तैयार करता था फर्जी ID कार्ड

एडीसीपी (वरुणा) लिपि नगायच ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी राजन प्रजापति दिसंबर 2025 से लगातार इस तरह के फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा था। पूछताछ में सामने आया कि उसने दरोगा की वर्दी और स्टार तो सामान्य पुलिस स्टोर से खरीदे थे, लेकिन पुलिस विभाग का फर्जी नियुक्ति पत्र और 3 नकली पुलिस आईडी कार्ड उसने खुद PicsArt नामक मोबाइल ऐप के जरिए एडिटिंग करके तैयार किए थे।

हैरानी की बात यह है कि आरोपी ने अपने परिवार वालों को भी भ्रमित कर रखा था। घरवालों को उसकी रनिंग या लिखित परीक्षा न होने पर शक तो था, लेकिन राजन ने वर्दी में कई ऐसी तस्वीरें खिंचवा रखी थीं जिससे सबको लगता था कि वह वाकई में असली सब-इंस्पेक्टर है।

नौकरी दिलाने के नाम पर 8-10 लोगों को ठगा, 1 लाख की वसूली पर हुई FIR

पूछताछ के दौरान आरोपी राजन ने कुबूल किया कि वह क्षेत्र में दरोगा का धौंस दिखाकर घूमता था और अब तक करीब 8 से 10 लोगों को अपना शिकार बना चुका है। वह युवाओं को नगर निगम, कचहरी और पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देता था।

हाल ही में उसने महगाँव (थाना सिंधौरा) निवासी किशन विश्वकर्मा को पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 1 लाख रुपये ठगे थे। खुद को चोलापुर के मुरदहा चौकी पर तैनात बताने वाले इस फर्जी दरोगा के खिलाफ किशन की शिकायत पर 1 जुलाई 2026 को चोलापुर थाने में मुकदमा (मु0अ0सं0 0267/2026) दर्ज किया गया था। राजन ने ठगी की इस रकम को अपनी ऐश-ओ-आराम और दैनिक खर्चों में उड़ा दिया।

भारी मात्रा में सामान बरामद, BNS की धाराओं में केस दर्ज

थाना चोलापुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं (318(4), 319(2), 338, 336(3), 340(2), 204, 205) के तहत मुकदमा संख्या 0268/2026 पंजीकृत कर उसे जेल भेज दिया है। विवेचना उप-निरीक्षक अनिकेत श्रीवास्तव द्वारा की जा रही है।

अभियुक्त के पास से बरामदगी की सूची:

  • 1 सेट खाकी वर्दी, 4 पीली धातु के स्टार मय फ्लैप पुलिस कलर रिबन

  • 01 बेल्ट, 1 जोड़ी ब्राउन जूता और खाकी मोजा

  • 1 पी-कैप, 1 बैरेट कैप मय ताज, 2 नेम प्लेट और 2 उ०प्र०पु० बैज

  • 3 फर्जी पुलिस आईडी कार्ड और 1 फर्जी नियुक्ति पत्र (छायाप्रति)

  • 1 आधार कार्ड [redacted], 1 पैन कार्ड, 1 निर्वाचन कार्ड, 1 आपदा मित्र कार्ड

  • 1 यूनियन बैंक का एटीएम डेबिट कार्ड, 2 एंड्रायड मोबाइल फोन और ₹1200 नगद।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम

इस कामयाबी को हासिल करने वाली टीम में चोलापुर थाना प्रभारी निरीक्षक सधुबन राम गौतम, उप-निरीक्षक अनिल कुमार, महिला उप-निरीक्षक संध्या जायसवाल, हेड कांस्टेबल अनुनेष कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल मो० शकील अहमद और रक्षक कांस्टेबल विपिन कुमार सिंह शामिल रहे। एडीसीपी वरुणा ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी इस पूरे फर्जीवाड़े को अकेले ही अंजाम देता था, मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।