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वाराणसी: अवैध स्कूलों पर गिरेगी बिजली, बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग शुरू करेगा 'सर्जिकल स्ट्राइक'

बीएसए और डीआईओएस ने ब्लॉकवार जांच के लिए कसी कमर

 

भदैनी मिरर डेस्क, वाराणसी।  वाराणसी जिले में शिक्षा के नाम पर 'दुकान' चलाने वाले अवैध और बिना मान्यता प्राप्त स्कूलों के खिलाफ प्रशासन अब बड़े एक्शन की तैयारी में है। जिले के बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने हाथ मिला लिया है और जल्द ही पूरे जनपद में एक साझा अभियान चलाकर ऐसे स्कूलों को बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।

ब्लॉकवार बनेगी अवैध स्कूलों की 'ब्लैक लिस्ट'

जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) भोलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) के साथ महत्वपूर्ण बैठक की गई है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (ABRC) को अपने-अपने ब्लॉक के स्कूलों की विस्तृत सूची तैयार करने और उनकी मान्यता के दस्तावेजों की सघन जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग अब उन स्कूलों पर खास नजर रख रहा है जिनकी मान्यता रद्द हो चुकी है या जिन्होंने आवेदन तो किया है, लेकिन बिना अनुमति के ही कक्षाएं संचालित कर रहे हैं।

3,500 से अधिक स्कूल, मॉनीटरिंग की चुनौती

आंकड़ों के मुताबिक, वाराणसी के शहरी और ग्रामीण इलाकों में सीबीएसई, आईसीएसई और यूपी बोर्ड समेत कुल 3,567 सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूल संचालित हैं। इतनी बड़ी संख्या के कारण कई बार सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध स्कूल जड़ें जमा लेते हैं। साल 2024 में भी ऐसे ही एक वृहद अभियान के दौरान 25 स्कूलों को बंद कराया गया था और आधा दर्जन संचालकों पर भारी जुर्माना लगा था।

शिकायतें मिलीं तो हरकत में आया विभाग

पिछले कुछ समय से शिक्षा विभाग को फिर से अवैध संचालन की शिकायतें मिल रही थीं। डीआईओएस ने स्पष्ट किया कि:

  • मान्यता प्राप्त स्कूलों के सत्यापन का कार्य शुरू कर दिया गया है।
  • अवैध पाए जाने वाले स्कूलों को तत्काल नोटिस जारी किया जाएगा।
  • नोटिस के बाद भी संचालन जारी रहने पर सीलिंग और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि अपने बच्चों का दाखिला कराने से पहले स्कूल की मान्यता संबंधी प्रमाण पत्र जरूर देख लें, ताकि बच्चों का भविष्य अधर में न लटके।