{"vars":{"id": "125128:4947"}}

वाराणसी: नगर निगम पर जबरन तोड़फोड़ का आरोप, ग्रामीणों ने DM को सौंपा ज्ञापन

आराजी संख्या 310 की पैतृक भूमि पर कार्रवाई का विरोध; मामला सिविल कोर्ट में विचाराधीन होने का दावा, किसान आंदोलन की चेतावनी

 


वाराणसी,भदैनी मिरर। जनपद के सदर तहसील अंतर्गत मौजा डोमरी (परगना राल्हूपुर) में नगर निगम की कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने Varanasi Nagar Nigam के अधिकारियों और कर्मचारियों पर आराजी संख्या 310 की पैतृक भूमि पर जबरन तोड़फोड़ और कब्जा करने का आरोप लगाया है।

ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित भूमि को लेकर मामला माननीय सिविल जज (मी० डी०) की अदालत में मुकदमा संख्या 275/2025, रामकेश व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश सरकार व अन्य के रूप में विचाराधीन है। इसके बावजूद निगम की टीम मौके पर पहुंचकर तोड़फोड़ कर रही है। विरोध करने पर ग्रामीणों को फौजदारी मुकदमे में फंसाने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।


“पैतृक संपत्ति है, हम वास्तविक काश्तकार”

किसान नेता सच्चिदानंद पांडेय ने बताया कि उक्त भूमि उनके पूर्वजों की पैतृक संपत्ति है और वे उसके वास्तविक काश्तकार हैं। उनका कहना है कि जब मामला न्यायालय में लंबित है, तब तक किसी भी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस कार्रवाई से गांव के अन्य परिवारों में भी भय और असुरक्षा का माहौल है।

जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

आक्रोशित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी वाराणसी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जबरन कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र हस्तक्षेप नहीं किया तो ग्रामीण किसान आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल इस मामले में नगर निगम या जिला प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि न्यायालय में विचाराधीन मामले का सम्मान करते हुए किसी भी प्रकार की जबरन तोड़फोड़ रोकी जाए।