धीरेंद्र शास्त्री का जलाया फोटो: अधिवक्ताओं ने CP से की FIR की मांग; बोले- 'भगवान श्रीकृष्ण का अपमान बर्दाश्त नहीं'
राम-कृष्ण की तुलना पर भड़के सपा अधिवक्ता सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. आलोक सौरभ; मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी
भदैनी मिरर (वाराणसी): बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप व लीलाओं की तुलना करते हुए दिए गए बयान पर वाराणसी में विवाद गहराता जा रहा है। बुधवार (4 नवंबर 2026) को सारनाथ थाना क्षेत्र के निवासियों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं और समाजवादी अधिवक्ता सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. (एड०) आलोक सौरभ के नेतृत्व में धीरेन्द्र शास्त्री का फोटो जलाया।
अधिवक्ताओं और अन्य लोगों ने श्रद्धालुओं ने धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 299 और 302 (धार्मिक भावनाएं आहत करने व वैमनस्य फैलाने) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
'त्रिभंग मुद्रा और लीलाओं को उपहासात्मक रूप में प्रस्तुत किया'
पुलिस कमिश्नर को संबोधित पत्र में आनंद यादव, एड० सुनील यादव, एड० संदीप यादव, एड० विवेक चौबे और डॉ० एड० आलोक सौरभ ने आरोप लगाया कि 2 नवंबर को प्रसारित वीडियो में धीरेंद्र शास्त्री ने सार्वजनिक मंच से भगवान श्रीकृष्ण की दिव्यता और त्रिभंग मुद्रा (तीन जगह से टेढ़े स्वरूप) का उपहास उड़ाया।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि भगवान श्रीकृष्ण के चलने, खड़े होने, नजरों और वृंदावन धाम को भगवान राम और अयोध्या की तुलना में कमतर और 'टेढ़ा' बताकर टिप्पणी की गई। श्रीकृष्ण की बांसुरी वादन, गोवर्धन पर्वत उठाने और गाय चराने की अलौकिक लीलाओं को 'महज खेल' बताकर उनका मजाक उड़ाया गया।
प्रार्थना पत्र में स्पष्ट किया गया कि भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण दोनों ही सनातन धर्म के परम आराध्य हैं। किसी एक की महिमा बढ़ाने के लिए दूसरे के स्वरूप व लीलाओं को नीचा दिखाना करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को आघात पहुंचाता है।
'व्यास पीठ से आस्था का मजाक उड़ाना अपराध, कोर्ट में मांगनी होगी माफी'
समाजवादी अधिवक्ता सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. आलोक सौरभ ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा "धीरेंद्र शास्त्री हिंदू एकता यात्रा निकालते हैं और व्यास पीठ पर बैठकर भगवान को बांटने का काम करते हैं। जिस लड्डू गोपाल की सेवा महिलाएं बिना अन्न-जल ग्रहण किए करती हैं, उनकी लीलाओं को खेल बताना घोर निंदनीय है। वीडियो जारी कर माफी मांगना कोई समाधान नहीं है, व्यास पीठ मजाक का स्थान नहीं है। उन्हें कोर्ट में आकर माफी मांगनी होगी, तभी माफी स्वीकार की जाएगी।"
विपक्ष का हमला: 'फर्जी धर्म के ठेकेदारों को जनता सिखाएगी सबक'
डॉ. आलोक सौरभ ने भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के लोग खुद को सनातन का ठेकेदार बताते हैं, लेकिन जब भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का अपमान हुआ तो एक भी नेता ने मुंह नहीं खोला। उन्होंने दावा किया कि जनता ऐसे लोगों को पहचान चुकी है और आने वाले समय में इसका करारा जवाब देगी।