वाराणसी में बोले DGP राजीव कृष्ण: विदेश बैठे साइबर ठगों और सोशल मीडिया पर भौकाल काटने वालों पर यूपी पुलिस का कड़ा शिकंजा
बनारस ट्रैफिक के लिए लागू हुआ गूगल मास्टरप्लान
साइबर फ्रॉड का पैसा देश से बाहर जाने से पहले बैंकिंग लेवल पर ही रोकेगी पुलिस: डीजीपी
दुबई में छिपे कफ सिरप तस्करी के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अंतिम दौर में
बनारस के 11 सबसे व्यस्त कॉरिडोर की गूगल से हो रही ऑटोमैटिक मॉनिटरिंग, रोप-वे को लेकर पुलिस की एडवांस प्लानिंग शुरू
वाराणसी (भदैनी मिरर ब्यूरो): उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने वाराणसी पुलिस लाइन में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था की समीक्षा करने के साथ-साथ अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति, साइबर क्राइम, सोशल मीडिया माफिया, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और काशी की सबसे बड़ी समस्या 'ट्रैफिक जाम' को लेकर यूपी पुलिस के आगामी मेगा प्लान और आधुनिक तकनीकों का खुलासा किया।
विदेशों से होने वाले साइबर अपराधों पर 'लीयन अमाउंट' रणनीति
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैठकर संचालित होने वाले साइबर अपराधों के सवाल पर डीजीपी ने साफ किया कि भारत की कई देशों के साथ MLAT (Mutual Legal Assistance Treaty) यानी पारस्परिक कानूनी सहायता संधि है। इसके तहत विदेश में बैठे अपराधियों का एक तय कानूनी प्रक्रिया द्वारा प्रत्यर्पण (Extradition) कराया जाता है।
उन्होंने बताया, "चूंकि प्रत्यर्पण की प्रक्रिया जटिल है और इसमें समय लगता है, इसलिए यूपी पुलिस का मुख्य फोकस 'फर्स्ट और सेकंड लेवल ऑफ बैंकिंग' पर ही पैसे को फ्रीज करने का रहता है, जिसे 'लीयन अमाउंट' कहा जाता है। इस त्वरित कार्रवाई की बदौलत उत्तर प्रदेश पूरे देश के टॉप 5 राज्यों में शामिल हो चुका है, जिससे पीड़ितों के पैसे को देश से बाहर जाने से पहले ही सुरक्षित कर लिया जाता है।"
दुबई में छिपा कफ सिरप माफिया शुभम जायसवाल जल्द आएगा भारत
साल 2022 के कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी मामले के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल (जो वर्तमान में दुबई में छिपा है) को लेकर डीजीपी ने बड़ा अपडेट दिया। उन्होंने बताया कि संबंधित कोर्ट से आवश्यक दस्तावेज निकलवाकर केंद्रीय संस्थाओं के माध्यम से दुबई प्रशासन को सर्व करा दिए गए हैं। वहां की अदालत से आदेश कराने की कानूनी प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी है और जल्द ही आरोपी को भारत वापस लाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राम मंदिर चोरी मामला और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा
अयोध्या के राम मंदिर में पैसों की चोरी के संबंध में डीजीपी ने बताया कि सभी प्रसिद्ध धार्मिक संस्थानों और मंदिरों के अपने ट्रस्ट और आंतरिक सुरक्षा व्यवस्थाएं होती हैं। राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर शासन स्तर से SIT (विशेष जांच दल) का गठन किया गया है, जो पूरे मामले का बारीकी से अध्ययन कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। पुलिस के पास जब भी कोई शिकायत आती है, तो पुलिस पूरी कड़ाई से इन्वेस्टिगेशन करती है।
सोशल मीडिया के 'डिजिटल गुंडों' और मोहल्ला स्तर के तत्वों पर नजर
क्या प्रदेश में नए गैंग पनप रहे हैं? इस सवाल पर डीजीपी ने कहा कि पिछले 8-10 वर्षों में बड़े माफियाओं की कमर तोड़ी जा चुकी है। अब पुलिस सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन कर या गैंग बनाकर भय का माहौल पैदा करने वाले तत्वों पर पैनी नजर रख रही है। सिर्फ जिला या प्रदेश स्तर ही नहीं, बल्कि मोहल्ला स्तर के उन छोटे अपराधियों को भी चिन्हित कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है जो स्थानीय नागरिकों को धमकाते हैं, ताकि हर नागरिक सुरक्षित महसूस करे।
बनारस के ट्रैफिक जाम के लिए 'गूगल' मास्टरप्लान और रोप-वे की तैयारी
वाराणसी में बढ़ रहे श्रद्धालुओं और ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए यूपी पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। डीजीपी ने बताया कि प्रदेश के 20 बड़े जिलों में 'रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन' (Reducing Traffic Congestion) स्कीम लागू की गई है।
इसके तहत वाराणसी के 11 सबसे व्यस्त कॉरिडोर (रास्तों) को चिन्हित किया गया है। इन रास्तों का लाइव और डायनेमिक डेटा सीधे Google के माध्यम से ऑटोमैटिक मशीनी सिस्टम द्वारा पुलिस मुख्यालय और स्थानीय अधिकारियों के पास पहुंचता है। इस आधुनिक व्यवस्था से चोक पॉइंट्स में 24% और अधिकतम जाम के समय में 17% तक की कमी दर्ज की गई है। इसके साथ ही, बनारस में आगामी रोप-वे (Ropeway) प्रोजेक्ट के शुरू होने से पहले ही पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था, अतिरिक्त बल की तैनाती और उनके प्रशिक्षण का पूरा खाका तैयार कर लिया है।