33% महिला आरक्षण विधेयक पारित करने की मांग: वाराणसी में 'अपवा' का जोरदार प्रदर्शन
रवींद्रपुरी आंबेडकर चौराहे पर महिलाओं ने की नारेबाजी, 'अभी करो, अर्जेंट करो' के नारों से गूंजा शहर; ACP को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी (भदैनी मिरर न्यूज़): राजनीति में महिलाओं की समान हिस्सेदारी और प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने के लिए ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव विमेन एसोसिएशन (अपवा) ने वाराणसी में हुंकार भरी है। बुधवार को संगठन के बैनर तले जुटी दर्जनों महिलाओं ने 33 प्रतिशत महिला आरक्षण विधेयक को बिना किसी शर्त के इसी मानसून सत्र में पारित कराने की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से अपील की कि लंबे समय से लंबित इस अति-महत्वपूर्ण विधेयक को अब बिना किसी देरी के कानून का रूप दिया जाना चाहिए।
रवींद्रपुरी से शुरू हुआ मार्च, पुलिस ने रास्ते में रोका
कार्यक्रम की शुरुआत रवींद्रपुरी स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण और श्रद्धांजलि के साथ हुई। तय रणनीति के अनुसार, कार्यकर्ताओं को पद्मश्री चौराहे से गुरुधाम स्थित प्रधानमंत्री संसदीय कार्यालय (PMO) तक पैदल मार्च निकालकर ज्ञापन सौंपना था।
हालांकि, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए स्थानीय प्रशासन ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को रवींद्रपुरी आंबेडकर चौराहे के पास ही बैरिकेडिंग कर रोक दिया। इसके बाद मौके पर पहुंचे भेलूपुर के एसीपी गौरव कुमार को ही प्रतिनिधिमंडल ने अपना मांग पत्र और ज्ञापन सौंपा।
"जब तक मांग पूरी नहीं होगी, जारी रहेगा लोकतांत्रिक आंदोलन"
अपवा की प्रदेश अध्यक्ष कृष्णा अधिकारी ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिला संगठन वर्षों से संसद में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार महिला सशक्तीकरण को लेकर वास्तव में गंभीर है, तो उसे चालू सत्र में ही इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करना होगा।
कृष्णा अधिकारी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब तक महिलाओं को उनका वाजिब राजनीतिक अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक संगठन सड़क से लेकर सदन तक अपना लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखेगा।
'अभी करो, अर्जेंट करो' के नारों से गूंजा इलाका
प्रदर्शन के दौरान महिलाएं हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हुई थीं, जिन पर महिला आरक्षण बिल लागू करने से जुड़े नारे लिखे थे। कार्यकर्ताओं ने "अभी करो, अर्जेंट करो" और "33 प्रतिशत महिला आरक्षण बिल तुरंत पास करो" जैसे गगनभेदी नारे लगाए।
ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुआ। संगठन की नेताओं ने एक स्वर में सरकार से आग्रह किया कि देश की आधी आबादी को निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में शामिल करने के लिए जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए जाएं।