मौत की सिरप कांड: शुभम जायसवाल के परिवार को आज कोर्ट में देनी होगी 38 करोड़ की संपत्तियों की जानकारी
कोडीन कफ सिरप तस्करी केस में बड़ा खुलासा, पिता, पत्नी, मां और बहन के नाम चिह्नित की गई अचल संपत्तियां
वाराणसी। कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी के बहुचर्चित मामले में पुलिस और जांच एजेंसियों ने शिकंजा और कस दिया है। सरगना शुभम जायसवाल के परिवार को उसकी अवैध कमाई से अर्जित मानी जा रही करोड़ों की संपत्तियों का ब्योरा कोर्ट में देना होगा। शुभम के पिता भोला प्रसाद, मां, पत्नी और बहन के नाम से कुल करीब 38 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां चिह्नित की गई हैं।
पुलिस के मुताबिक, इन संपत्तियों के संबंध में बीते 24 दिसंबर को नोटिस जारी किया गया था। सभी को 2 जनवरी को फास्ट ट्रैक कोर्ट-14 (एनडीपीएस) में संपत्तियों का पूरा विवरण और आय के स्रोत की जानकारी देनी है। यह कार्रवाई कोतवाली थाने में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान की गई है।
कहां-कहां हैं करोड़ों की संपत्तियां
जांच में सामने आया है कि शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला प्रसाद ने कफ सिरप तस्करी शुरू करने के बाद बेहद कम समय में भारी संपत्ति अर्जित की।
- भेलूपुर में भोला प्रसाद के नाम से लगभग 23 करोड़ रुपये का मकान
- सिगरा में उसकी पत्नी शारदा के नाम से 8 करोड़ रुपये का आवासीय भवन
- बेटी प्रगति और बहू वैशाली पुरस्नानी के नाम से पिंडरा समेत अन्य क्षेत्रों में करीब 7 करोड़ रुपये की जमीन और अचल संपत्तियां
पुलिस का मानना है कि ये सभी संपत्तियां अवैध तस्करी से अर्जित धन से खरीदी गई हैं।
संतोषजनक जवाब नहीं तो होगी जब्ती
पुलिस ने बीएनएस की धारा 107 के तहत नोटिस जारी किया है। यदि कोर्ट में संपत्तियों के वैध स्रोत को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो इन संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
वारंट बी पर आज कोर्ट में पेश होगा भोला प्रसाद
शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद को वारंट (बी) पर 2 जनवरी को वाराणसी लाया जाएगा। कोतवाली थाने में दर्ज मुकदमे में रिमांड के लिए उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। सोनभद्र की कोर्ट से पेशी के लिए पुलिस पहले ही अनुमति ले चुकी है।
बोगस फर्मों के जरिए हुआ पैसों का लेन-देन
मामले की जांच में बड़ा खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि सारनाथ के तिसरियां परशुरामपुर स्थित पीडी फार्मा में ड्रग विभाग ने छापेमारी की थी। यहां न तो कफ सिरप मिला और न ही खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज।
हालांकि जांच में सामने आया कि पीडी फार्मा ने प्रयागराज की एक फर्म से सितंबर-अक्तूबर के बीच 89,600 शीशियां कोडीन युक्त कफ सिरप खरीदी थीं। मामले में विष्णु पांडेय और लोकेश अग्रवाल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस की छानबीन में यह भी सामने आया कि प्रयागराज, प्रतापगढ़, भदोही समेत अन्य जिलों की करीब 39 बोगस फर्मों से पीडी फार्मा के खातों में पैसा आया और फिर वहां से बिहार व झारखंड की फर्मों को ट्रांसफर किया गया। इन सभी लेन-देन की गहन जांच जारी है।