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वाराणसी में खत्म होंगे डार्क स्पॉट, नगर निगम ने तैयार किया रोडमैप; 7,500 स्ट्रीट लाइटों की जांच

20 वार्डों में रात के समय औचक निरीक्षण, शिवपुरवा-सिगरा समेत कई इलाकों में नए पोल और सेमी हाईमास्ट लगाने की तैयारी; बंद व पीली ईईएसएल लाइटें भी बदली जाएंगी

 

वाराणसी, भदैनी मिरर। शहर की सड़कों और गलियों को रात में बेहतर रोशनी से जगमगाने तथा रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वाराणसी नगर निगम ने डार्क स्पॉट खत्म करने की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में नगर निगम के अधिकारियों और आलोक विभाग की टीमों ने सात अक्टूबर की रात शहर के 20 वार्डों में एक साथ औचक निरीक्षण किया।

अधिकारियों ने मुख्य सड़कों के साथ ही आंतरिक गलियों में पहुंचकर स्ट्रीट लाइटों की स्थिति और रात के समय सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान 7,500 से अधिक प्रकाश बिंदुओं की जांच की गई, जिसमें करीब 95 प्रतिशत स्ट्रीट लाइटें चालू मिलीं।

210 स्ट्रीट लाइटें मिलीं बंद

निरीक्षण के दौरान कुछ इलाकों में स्ट्रीट लाइटें बंद मिलीं। इनमें शिवपुरवा में 119, सिगरा में 68 और गोलाघाट में 23 लाइटें शामिल हैं। इस तरह कुल 210 प्रकाश बिंदु बंद पाए गए।

नगर निगम ने बंद लाइटों को जल्द दुरुस्त करने के साथ-साथ लंबे समय से खराब और पीली रोशनी देने वाली ईईएसएल लाइटों को बदलने की कार्ययोजना तैयार की है। अधिकारियों का जोर ऐसे स्थानों की पहचान कर उन्हें रोशन करने पर है, जहां रात के समय पर्याप्त प्रकाश नहीं होने से डार्क स्पॉट की स्थिति बनी हुई है।

32 नई लाइटें और 50 नए पोल लगाने का प्रस्ताव

निरीक्षण के दौरान सामने आए डार्क स्पॉट को समाप्त करने के लिए नगर निगम ने नए प्रकाश बिंदु विकसित करने की योजना बनाई है। इसके तहत 32 नई लाइटें और 50 नए पोल लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

इनमें शिवपुरवा क्षेत्र में 40 और सिगरा में 10 नए पोल लगाए जाने की योजना है। इसके अलावा शहर के चिन्हित स्थानों पर आठ सेमी हाईमास्ट लगाने का भी प्रस्ताव तैयार किया गया है।

नगर निगम का मानना है कि नए पोल, अतिरिक्त प्रकाश बिंदु और सेमी हाईमास्ट लगने से उन क्षेत्रों में रात के समय रोशनी बेहतर होगी, जहां वर्तमान व्यवस्था पर्याप्त नहीं है।

जरूरत के हिसाब से स्विचमैन की होगी तैनाती

स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए नगर निगम ने आवश्यकतानुसार स्विचमैन की तैनाती करने का भी निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य खराब या बंद प्रकाश बिंदुओं की जानकारी मिलने के बाद उन्हें जल्द चालू कराना है।

इसके साथ ही ईईएसएल की पीली पड़ चुकी लाइटों को भी चरणबद्ध तरीके से बदलने की तैयारी है, ताकि शहर की प्रमुख सड़कों के साथ आंतरिक मार्गों पर भी पर्याप्त और बेहतर रोशनी उपलब्ध हो सके।

रात में सफाई व्यवस्था पर भी फोकस

निरीक्षण के दौरान नगर निगम की टीम ने रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने मुख्य मार्गों के अलावा आंतरिक गलियों में सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।

निरीक्षण के दौरान प्रमुख स्थानों पर सफाई मित्र भी ड्यूटी पर मुस्तैद मिले। नगर निगम अब आंतरिक गलियों में रात के समय सफाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में भी काम करेगा।

20 वार्डों में एक साथ हुआ निरीक्षण

नगर निगम की टीमों ने राजघाट, चौकाघाट, सरसौली, तुलसीपुर, सिगरा, शिवपुरवा और गोलाघाट समेत कुल 20 वार्डों में निरीक्षण किया। मुख्य सड़कों से लेकर आंतरिक गलियों तक प्रकाश व्यवस्था की स्थिति को मौके पर परखा गया।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार इस तरह के निरीक्षण का उद्देश्य सिर्फ खराब स्ट्रीट लाइटों की पहचान करना नहीं, बल्कि शहर में मौजूद सभी संभावित डार्क स्पॉट को चिन्हित कर उनके स्थायी समाधान की योजना तैयार करना है।

निरीक्षण अभियान में अपर नगर आयुक्त विनोद कुमार गुप्ता और बरखा सिंह, संयुक्त नगर आयुक्त जितेंद्र आनंद, मुख्य नगर लेखा परीक्षक एसपी सिंह, अधिशासी अभियंता आरके लाल, जोनल अधिकारी रीता रानी विक्रम, सेनेटरी ऑफिसर क्षितिज मिश्रा सहित आलोक विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।

नगर निगम की इस कार्ययोजना के अमल में आने के बाद शहर के चिन्हित डार्क स्पॉट पर रोशनी बढ़ने के साथ ही रात में सड़कों और गलियों की निगरानी व सफाई व्यवस्था को भी बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।