वाराणसी में कफ सिरप तस्करी पर बड़ी कार्रवाई: मास्टरमाइंड विजय गुप्ता की संपत्ति कुर्क, SIT की छापेमारी
सोनभद्र SIT और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, फर्जी बिलिंग से चल रहा था नशे का नेटवर्क
Varanasi में कोडिन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सोनभद्र की एसआईटी टीम ने मामले के मास्टरमाइंड विजय गुप्ता की संपत्ति कुर्क कर ली है।
एसआईटी टीम ने Kabir Chaura स्थित उसके मकान पर पहुंचकर कोर्ट के आदेश के तहत कुर्की की कार्रवाई की। इस दौरान स्थानीय पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
लंबे समय से फरार है आरोपी
जानकारी के मुताबिक, विजय गुप्ता इस पूरे नेटवर्क का अहम सदस्य है और काफी समय से फरार चल रहा है। अदालत द्वारा सरेंडर के लिए समय दिए जाने के बावजूद वह पेश नहीं हुआ, जिसके बाद कोर्ट ने उसकी संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया।
किंगपिन शुभम जायसवाल से कनेक्शन
एसआईटी जांच में खुलासा हुआ है कि विजय गुप्ता कफ सिरप तस्करी के मुख्य सरगना शुभम जायसवाल का करीबी है। दोनों मिलकर इस अवैध नेटवर्क का संचालन कर रहे थे।
टीम के अनुसार, विजय का भाई सत्यम भी इस नेटवर्क में शामिल था, जिसे पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
फर्जी बिलिंग के जरिए चलता था नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि विजय गुप्ता के पास दवाओं का कोई वास्तविक स्टॉक नहीं था। वह केवल कागजों पर फर्जी बिल तैयार करता था, जबकि असली सप्लाई और वितरण का काम शुभम जायसवाल करता था।
इस नेटवर्क के जरिए कोडिन युक्त कफ सिरप की अवैध सप्लाई कर उसे नशे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।
फर्जी फर्म बनाकर होता था खेल
एसआईटी अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने ‘शिविक्षा फार्मा’ और ‘मां कृपा मेडिकल स्टोर’ नाम से फर्म बना रखी थी, जो निष्क्रिय थीं। इनका उपयोग केवल फर्जी बिलिंग और अवैध लेन-देन के लिए किया जाता था।
कोर्ट के आदेश पर कुर्की
करीब डेढ़ महीने का समय दिए जाने के बाद भी विजय गुप्ता कोर्ट में पेश नहीं हुआ। इसके बाद अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए उसकी संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया, जिसके तहत यह कार्रवाई की गई।
अन्य आरोपियों पर भी शिकंजा
एसआईटी ने बताया कि इस मामले में शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल को पहले ही कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल अभी भी फरार है।
उसे पकड़ने के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस और एसआईटी की टीमें इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों और कनेक्शनों की जांच में जुटी हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।