कफ सिरप कांड: फरार आरोपी राहुल यादव ने पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में किया समर्पण, न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया जेल
गायघाट निवासी इनामी आरोपी राहुल यादव ने वकीलों के जरिए जिला कोर्ट में समर्पण किया; अदालत ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा
वाराणसी, भदैनी मिरर। चर्चित कफ सिरप कांड में फरार चल रहे गायघाट, कोतवाली निवासी इनामी अपराधी राहुल यादव ने सोमवार को अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से कोर्ट में समर्पण कर दिया। आरोपी को विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट/14वां वित्त फाइनेंस) की अदालत में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
केस का संक्षिप्त विवरण
इस प्रकरण में औषधि निरीक्षक जुनाब अली ने 15 नवंबर 2025 को कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि सरगना शुभम जायसवाल और उसके साथी दिवेश जायसवाल, विकास सिंह, आकाश पाठक, राहुल यादव और अमित जायसवाल सहित कुल 28 लोग प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी में शामिल थे। इस तस्करी के कारण कई लोगों की मौत भी हुई।
बीते 2 जनवरी 2026 को सभी आरोपितों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। इसके बाद पुलिस लगातार राहुल यादव की तलाश में उसके घर और अन्य ठिकानों पर दबिश देती रही, लेकिन वह पकड़ से बाहर रहा।
कोर्ट में हुआ समर्पण
राहुल यादव ने पुलिस को चकमा देते हुए अपने अधिवक्ताओं अनुज यादव, नरेश यादव, रोहित यादव और संदीप यादव के जरिए कोर्ट में समर्पण याचिका दाखिल की। आरोपी को जिला कोर्ट के गेट पर तैनात पुलिस को चकमा देकर सीधे वकीलों के चैंबर में लाया गया।
कोर्ट में पेश होने पर राहुल यादव ने केस में खुद को आरोपी होने की बात स्वीकार की, लेकिन अपनी भूमिका से इनकार किया। उसने पुलिस द्वारा उत्पीड़न और धमकी मिलने की बात भी कही। अदालत ने वकीलों की दलील सुनने के बाद आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। जमानत याचिका पर कोई सुनवाई नहीं की गई।