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वाराणसी में बीजेपी सरकार पर गरजे कांग्रेस प्रवक्ता संजीव सिंह, बोले— 'आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी सरकार, हिम्मत है तो अपने मंत्रियों की संपत्ति की कराएं जांच'

प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर लहुराबीर कैम्प कार्यालय में हुई प्रेस वार्ता, महोबा दलित छात्रा मामले और आगरा बिजली घोटाले को लेकर सरकार को घेरा.

 

वाराणसी (भदैनी मिरर): उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर सूबे की कानून व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस ने पूरे प्रदेश में मोर्चा खोल दिया है. इसी क्रम में वाराणसी के लहुराबीर स्थित कांग्रेस कैम्प कार्यालय पर एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया. प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता संजीव सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार की कानून व्यवस्था, दलित उत्पीड़न और विभिन्न विभागों में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर तीखे बाण चलाए.

पत्रकार वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता संजीव सिंह के साथ जिला अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल और महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे भी मुख्य रूप से मौजूद रहे. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सूचिता की बात करने वाली भाजपा सरकार खुद आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है.

 महोबा की पीड़ित दलित बेटी से मिलने पर अजय राय को रोकने का आरोप

प्रदेश प्रवक्ता संजीव सिंह ने हाल ही में महोबा में हुई एक दर्दनाक घटना का जिक्र करते हुए सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा:

"कुछ दिन पूर्व महोबा की एक दलित छात्रा का अपहरण कर उसे 16 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए सामूहिक दुष्कर्म किया गया. लेकिन सरकार का कोई भी मंत्री या विधायक पीड़िता का दुख बांटने उसके घर नहीं गया. जब हमारे प्रदेश अध्यक्ष अजय राय जी वहां जा रहे थे, तो प्रशासन ने उन्हें रोकने की हर संभव कोशिश की, लेकिन वे पीछे नहीं हटे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की."

संजीव सिंह ने आरोप लगाया कि 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' का नारा देने वाली सरकार इस मानवीय कार्य से इतनी बौखला गई है कि अब भाजपा के नेता और कार्यकर्ता पूरे प्रदेश में अजय राय के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और उनकी संपत्ति की जांच की मांग कर रहे हैं.

'अजय राय का जीवन खुली किताब, सरकार आगरा और वाराणसी के घोटालों पर दे जवाब'

भाजपा नेताओं द्वारा अजय राय की संपत्ति की जांच की मांग को कांग्रेस ने हास्यास्पद बताया. संजीव सिंह ने कहा कि अजय राय का जीवन एक खुली किताब की तरह है. उन्होंने सरकार पर बड़े घोटालों का आरोप लगाते हुए कहा:

  • आगरा नगर निगम का घोटाला: अभी तीन दिन पूर्व ही आगरा नगर निगम ने प्राइवेट बिजली कंपनी 'टोरेंट' का 430 करोड़ रुपये का बकाया माफ कर दिया. यह जनता के पैसे की खुली लूट है.

  • वाराणसी में किसानों का उत्पीड़न: प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विभिन्न विकास योजनाओं के नाम पर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए किसानों की हजारों एकड़ बेशकीमती जमीन कौड़ियों के दाम पर छीनने का प्रयास चल रहा है, जहां किसान अपनी जान की बाजी लगाकर संघर्ष कर रहे हैं.

  • 'चंदा दो-धंधा लो' की नीति: कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा 'चंदा दो और धंधा लो' की नीति पर काम कर रही है और ईडी (ED) व इनकम टैक्स विभाग को अपने सहयोगी संगठन की तरह इस्तेमाल कर रही है.

मिड-डे मील से लेकर कोडीन और भगवान राम के नाम पर लूट का आरोप

संजीव सिंह ने कहा कि यदि सरकार में वाकई भ्रष्टाचार को बेनकाब करने का साहस है, तो वह अपने मंत्रियों और विधायकों की संपत्तियों और संगठित अपराधों की जांच कराए. उन्होंने कहा कि पिछले 9 सालों में मिड-डे मील, नल से जल योजना, सड़क, अस्पताल, दवाई (कोडीन घोटाला) और मनरेगा तक में भारी भ्रष्टाचार हुआ है. यहाँ तक कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के नाम पर जमीन व चंदे की हेराफेरी हुई और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर व गंगा निर्मलीकरण के नाम पर बाबा की नगरी वाराणसी को भी नहीं छोड़ा गया.

'हम राहुल गांधी के सिपाही हैं, किसी भी जांच के लिए तैयार' - राघवेंद्र चौबे

महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने भाजपा द्वारा अजय राय पर लगाए जा रहे मुकदमों के आरोपों का खंडन करते हुए कहा, "अजय राय जी पर जिन मुकदमों की बात भाजपा नेता कर रहे हैं, उनमें से अधिकांश कोरोना काल के दौरान जनता की सेवा करने और प्रतिकार यात्रा के दौरान के हैं. सरकार की मंशा इतनी दूषित है कि प्रतिकार यात्रा मामले से अन्य सभी आरोपियों के नाम हटा दिए गए, लेकिन अजय राय जी का नाम जानबूझकर नहीं हटाया गया."

उन्होंने आगे चुनौती देते हुए कहा कि हम जननायक राहुल गांधी के सिपाही हैं और सार्वजनिक जीवन में पूरी तरह शुचिता बरतते हैं. सरकार जिस एजेंसी से चाहे हमारी जांच करा ले, लेकिन शर्त यह है कि उन्हीं एजेंसियों से भाजपा अपने उन मंत्रियों और विधायकों की भी जांच कराए जो बलात्कार, हत्या और अन्य संदिग्ध अपराधों में शामिल रहे हैं.

वार्ता में ये रहे उपस्थित: इस प्रादेशिक पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्य रूप से प्रदेश प्रवक्ता संजीव सिंह, जिला अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल, महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, सतनाम सिंह, अरुण सोनी, मयंक चौबे, अनुपम राय और प्रमोद वर्मा सहित भारी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे.