काशी विश्वनाथ मंदिर की नई व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल, पदयात्रा रोक कई नेता किए गए नजरबंद
वाराणसी: मंगला आरती के '90 दिन वाले नियम' और ऐप आधारित दर्शन का कड़ा विरोध, प्रशासन से तीखी नोकझोंक
वाराणसी, भदैनी मिरर। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में लागू की गई नई दर्शन व्यवस्था और नियमों के विरोध में रविवार को वाराणसी की सड़कों पर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। महानगर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में मैदागिन से विश्वनाथ धाम तक प्रस्तावित पदयात्रा को प्रशासन ने पुलिस बल के सहयोग से बीच में ही रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक भी हुई।
नेताओं की नजरबंदी और भारी पुलिस बल
कांग्रेस के इस आंदोलन को विफल करने के लिए प्रशासन ने शनिवार रात से ही सख्ती शुरू कर दी थी। पूर्व जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा और युवा कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष चंचल शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेताओं को उनके घरों पर ही नजरबंद कर दिया गया। इसके बावजूद रविवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मैदागिन स्थित कार्यालय पर जुटे और 'आस्था पर हमला बंद करो' जैसे नारों के साथ विरोध दर्ज कराया।
90 दिन के प्रतिबंध और ऐप दर्शन पर आपत्ति
महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में मंदिर प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस की मुख्य आपत्तियां निम्नलिखित हैं:
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मंगला आरती: एक बार दर्शन के बाद अगली बुकिंग के लिए 90 दिन की समय सीमा तय करने के नियम को तत्काल वापस लिया जाए।
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डिजिटल कंट्रोल: ऐप आधारित दर्शन प्रणाली को समाप्त कर पुरानी सरल और सहज व्यवस्था बहाल की जाए।
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स्थानीय श्रद्धालु: काशीवासियों के लिए सुगम दर्शन हेतु निर्धारित प्रवेश द्वार और समय सीमा में विस्तार किया जाए।
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भ्रष्टाचार की जांच: मंदिर के चढ़ावे और प्रशासनिक कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
व्यापारिक मॉडल का विरोध
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि विश्वनाथ दरबार करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, इसे किसी प्रशासनिक प्रयोगशाला या व्यापारिक मॉडल में बदलना स्वीकार्य नहीं है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर इन मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो महानगर कांग्रेस कमेटी व्यापक जनआंदोलन शुरू करने को बाध्य होगी।
प्रदर्शन में प्रमुख उपस्थिति
इस विरोध प्रदर्शन में सतनाम सिंह, प्रवीन प्रकाश, सैय्यद हसन, रमजान अली, वकील अंसारी, सुनील श्रीवास्तव, अशलम खां, राजेंद्र गुप्ता, अनुराधा यादव, पूनम विश्वशर्मा सहित सैकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।