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Codeine Syrup: भगोड़े शुभम जायसवाल की पत्नी वैशाली का गिरफ्तारी वारंट जारी, फर्जी सर्टिफिकेट देने वाला विकास गिरफ्तार

सिगरा में संपत्ति और शराब ठेके में मिली हिस्सेदारी

 

वाराणसी (भदैनी मिरर)। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी करने वाले गिरोह पर पुलिस और अदालती कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मामले के मुख्य सरगना और 50 हजार रुपये के इनामी भगोड़े शुभम जायसवाल की पत्नी वैशाली जायसवाल उर्फ वैशाली पोसवानी के खिलाफ न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है।

अदालत ने पुलिस को आदेश दिया है कि वैशाली को तत्काल गिरफ्तार कर कोर्ट के समक्ष पेश किया जाए। जांच में सामने आया है कि तस्करी की अवैध कमाई से खरीदी गई संपत्तियों और शराब के ठेके से जुड़े दस्तावेजों में वैशाली का नाम दर्ज है।

सिगरा में संपत्ति और शराब ठेके में मिली हिस्सेदारी

पुलिस की विवेचना में यह तथ्य सामने आया है कि शुभम जायसवाल ने कोडीन कफ सिरप की तस्करी से अर्जित अवैध धन का निवेश अपनी पत्नी वैशाली के नाम पर किया था। सिगरा क्षेत्र में स्थित कीमती संपत्तियों के अलावा शराब ठेके में भी उसकी नामजदगी सामने आई है।

कोतवाली इंस्पेक्टर दया शंकर सिंह के मुताबिक, वारंट जारी होने के बाद वैशाली की तलाश में पुलिस की विशेष टीमें जुट गई हैं। पुलिस ने जगतगंज और कायस्थ टोला (आदमपुर) स्थित उसके आवास के अलावा करीबियों के संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है।

फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र देने वाला फार्मा प्रोपराइटर अरेस्ट

दूसरी ओर, रोहनिया थाना पुलिस ने कोडीन कफ सिरप सिंडिकेट से जुड़े एक और महत्वपूर्ण आरोपी विकास सिंह को रविवार को गिरफ्तार कर लिया।

  •  आरोपी की पहचान: आदमपुर के प्रहलाद घाट (कायस्थ टोला) निवासी विकास सिंह, जो 'शांभवी फार्मा' का प्रोपराइटर है।
  • फर्जीवाड़े का तरीका: विकास सिंह ने अपनी फर्म से शुभम जायसवाल को दो साल का फर्जी काम करने का अनुभव प्रमाण पत्र (Experience Certificate) जारी किया था, जबकि शुभम ने कभी वहां काम नहीं किया था।
  • तस्करी में इस्तेमाल: इसी कूट रचित प्रमाण पत्र के आधार पर रांची की 'शैली ट्रेडर्स' फर्म का पंजीकरण कराया गया, जिसकी आड़ में बड़े पैमाने पर 'फेन्साडिल' कफ सिरप की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तस्करी की गई।

इंटरपोल और SIT कर रही सरगना की तलाश

डीसीपी वरुणा जोन राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि सीडीआर (CDR) और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर विकास सिंह की भूमिका स्पष्ट हुई, जिसके बाद रोहनिया इंस्पेक्टर राजू सिंह की टीम ने उसे दबोच लिया।

मामले में 'शैली ट्रेडर्स' का प्रोपराइटर भोला प्रसाद जायसवाल (शुभम का पिता) वर्तमान में सोनभद्र जेल में बंद है। वहीं, 50 हजार के इनामी और भगोड़े मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल की तलाश के लिए इंटरपोल के अलावा SIT और लोकल पुलिस की टीमें रिश्तेदारों व करीबियों के नेटवर्क को खंगाल रही हैं।