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वाराणसी: 3 दिन में की 2 बार नेपाल भगाने की नाकाम कोशिश, बेचे 6 लाख बोतल कफ सिरफ, 3 अरेस्ट 

करोड़ों की अवैध कमाई का नेटवर्क बेनकाब, जेल भेजे गए 3 आरोपियों में 2 पर था इनाम घोषित 

 

वाराणसी, भदैनी मिरर| कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार के खिलाफ वाराणसी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नेपाल भागने की फिराक में जुटे तीन इनामी आरोपियों को थाना कोतवाली और एसआईटी की संयुक्त टीम ने सिद्धार्थनगर (नेपाल बॉर्डर रोड) से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी क्राइम सरवणन टी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में विकास सिंह नरवे (जनपद आजमगढ़ निवासी), आकाश पाठक उर्फ लल्ली (मुख्य सरगना शुभम जायसवाल का करीबी व को-डायरेक्टर), अंकित कुमार श्रीवास्तव (फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और हवाला संचालनकर्ता) शामिल हैं।

नेपाल भागने की थी तैयारी

डीसीपी क्राइम के अनुसार, तीनों आरोपी बीते तीन दिनों में दो बार नेपाल बॉर्डर क्रॉस करने की कोशिश कर चुके थे। हालांकि इनके खिलाफ पहले से लुक आउट नोटिस जारी होने के कारण वे देश छोड़ने में सफल नहीं हो पाए। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
गौरतलब है कि आकाश पाठक उर्फ लल्ली और विकास सिंह नरवे ₹50-50 हजार के इनामिया आरोपी भी हैं।

वाराणसी नहीं आता था कफ सिरप, सीधी तस्करी

पूछताछ में खुलासा हुआ कि रांची (झारखंड) से निकलने वाला कोडीन युक्त कफ सिरप कभी वाराणसी नहीं आता था, बल्कि सीधे बिहार → पश्चिम बंगाल → त्रिपुरा → बांग्लादेश रूट से स्मगलिंग किया जाता था। इस अवैध कारोबार से हवाला के जरिए करोड़ों रुपये की कमाई की जा रही थी।

 

फर्जी फर्म, GST इनवॉइस और हवाला नेटवर्क

पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि फर्जी फर्में खोलकर, नकली GST इनवॉइस, ई-वे बिल और कागजों में बिलिंग दिखाकर कोडीन कफ सिरप की बड़े पैमाने पर तस्करी की जाती थी।
मुख्य सरगना शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला प्रसाद जायसवाल द्वारा रांची में शैली ट्रेडर्स नामक फर्म खोलकर एबॉट कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप ली गई थी, जिसके जरिए इस पूरे नेटवर्क को चलाया जा रहा था।

करोड़ों की कमाई, लग्जरी लाइफ

अभियुक्त विकास सिंह ने कबूल किया कि उसने करीब 6 लाख बोतल न्यू फैन्सिडिल कफ सिरप की तस्करी कर हवाला के जरिए करोड़ों रुपये कमाए। इसी अवैध कमाई से लग्जरी जिंदगी, फॉर्च्यूनर गाड़ी (दोस्त के नाम) खरीदी गई।

पुलिस को पूछताछ में कई प्रॉपर्टी, फर्जी फर्म और अन्य सहयोगियों की जानकारी भी मिली है। डीसीपी क्राइम के मुताबिक इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है और आगे कुर्की व अन्य कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।