वाराणसी में चिटफंड पीड़ितों को सांसद कार्यालय जाने से रोका, गुरुधाम चौराहे पर पुलिस ने लिया ज्ञापन
सैकड़ों निवेशकों का आरोप- कंपनियों ने हड़पे करोड़ों, Buds Act 2019 के तहत भुगतान की मांग तेज
Mar 25, 2026, 00:03 IST
वाराणसी, भदैनी मिरर। जनपद में चिटफंड कंपनियों द्वारा कथित तौर पर निवेशकों की रकम हड़पने के मामले में पीड़ितों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में बीते सोमवार को देशभर में ठगी के शिकार निवेशक अपने-अपने सांसदों को ज्ञापन देने के लिए पहुंचे।
वाराणसी में भी पीड़ित निवेशक अपने सांसद एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय ज्ञापन देने के लिए निकले, लेकिन उन्हें गुरुधाम चौराहे पर ही पुलिस द्वारा रोक दिया गया।
बताया गया कि मौके पर मौजूद पुलिस ने पीड़ितों को सांसद कार्यालय जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद भेलूपुर थाना क्षेत्र के इंस्पेक्टर सुधीर त्रिपाठी ने मौके पर ही उनका ज्ञापन प्राप्त कर लिया।
लाखों निवेशकों के फंसे पैसे, भुगतान की मांग
पीड़ितों का कहना है कि जिले में लाखों लोग चिटफंड कंपनियों के झांसे में आकर अपनी जमा पूंजी गंवा चुके हैं। लंबे समय से वे कंपनियों की संपत्ति जब्त कर निवेशकों को भुगतान कराने की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा अनियमित जमा योजना पाबंदी अधिनियम 2019 (Buds Act 2019) लागू किया गया है, जिसके तहत ठगी पीड़ितों को उनका पैसा वापस दिलाने का प्रावधान है।
कानून लागू, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्रवाई न करने का आरोप
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि संबंधित अधिकारी न तो इस कानून का व्यापक प्रचार-प्रसार कर रहे हैं और न ही पीड़ितों से आवेदन लेकर भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
पीड़ितों का यह भी कहना है कि कई चिटफंड कंपनियों की संपत्तियां प्रवर्तन निदेशालय (ED), सीबीआई और स्थानीय प्रशासन द्वारा जब्त की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक उनका मूल्यांकन कर नीलामी के जरिए निवेशकों को भुगतान नहीं कराया गया है।
ज्ञापन में उठे सवाल
ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार की ओर से दिए गए ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई होती, तो इतनी बड़ी संख्या में लोग ठगी का शिकार नहीं होते। साथ ही जनप्रतिनिधियों से भी इस मुद्दे पर सक्रिय हस्तक्षेप की मांग की गई है।
ज्ञापन देने पहुंचे लोगों में संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. ओम प्रकाश कश्यप, मदनलाल आजाद समेत अन्य पीड़ित निवेशक शामिल रहे।