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BHU में 'चीफ प्रॉक्टर हटाओ' आंदोलन तेज: कैंपस में 10 जगह फुंका कुलपति का पुतला, 8 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

10-सूत्रीय मांगों को लेकर एबीवीपी (ABVP) का प्रदर्शन जारी; रुइया चौराहे से लेकर VT परिसर तक गरमाया माहौल

 

वाराणसी (भदैनी मिरर)। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) में छात्रों की सुरक्षा, सम्मान, पारदर्शिता और न्याय से जुड़ी 10-सूत्रीय मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का आंदोलन और उग्र होता जा रहा है। "चीफ प्रॉक्टर हटाओ" की मांग को लेकर मंगलवार को अभाविप कार्यकर्ताओं ने बीएचयू परिसर में 10 अलग-अलग स्थानों पर कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी का प्रतीकात्मक पुतला फूंका। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो 08 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।


कैंपस में विभिन्न स्थानों पर हुआ पुतला दहन

मंगलवार को आंदोलन के अगले चरण के तहत बीएचयू की विभिन्न संकाय इकाइयों ने परिसर के प्रमुख स्थलों पर प्रदर्शन किया। एसवीडीवी इकाई ने रुइया चौराहा, सामाजिक विज्ञान इकाई ने ब्रोचा चौराहा, कला संकाय इकाई ने भाई लाल चाय, कृषि विज्ञान इकाई ने बॉटनी चौराहा, विधि संकाय इकाई ने छित्तूपुर गेट, मुख्य इकाई ने विश्वनाथ मंदिर (VT) परिसर पर प्रदर्शन किया।

विभिन्न रचनात्मक तरीकों से जारी है विरोध


छात्रों का कहना है कि वे पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन, धरना, मौन प्रदर्शन, ओपन माइक, सुंदरकांड पाठ, शुद्धि-बुद्धि यज्ञ, शव शैया और प्रतीकात्मक शव यात्रा जैसे लोकतांत्रिक माध्यमों से आवाज उठा रहे हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
8 अक्टूबर से आमरण अनशन की चेतावनी


अभाविप बीएचयू के अध्यक्ष पल्लव सुमन और मंत्री अनुराग तिवारी ने संयुक्त रूप से कहा कि छात्रों का यह प्रदर्शन परिसर में सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल स्थापित करने के लिए है। प्रशासन के पास संवाद का पर्याप्त समय था, लेकिन उदासीन रवैये के कारण छात्रों का आक्रोश बढ़ रहा है।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि 08 अक्टूबर से शुरू होने वाली अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आंदोलन का निर्णायक मोड़ होगी। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से अपील की है कि अनशन की नौबत आने से पहले 10-सूत्रीय मांगों पर तत्काल वार्ता कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।