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Varanasi: भाजपा नेता समेत 9 पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश, न्यायालय कर्मचारी के घर हमले का मामला

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत का कड़ा रुख; जानलेवा हमला, लूटपाट और छेड़खानी के आरोप में कैंट थाने को विवेचना के निर्देश

 

वाराणसी। Varanasi में दीवानी न्यायालय के एक कर्मचारी के घर में कथित तौर पर घुसकर जानलेवा हमला, लूटपाट और छेड़छाड़ के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने भाजपा नेता मनोज कुमार सोनकर, उनकी पत्नी सहित कुल नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश कैंट पुलिस को दिया है।


क्या है मामला?

सिकरौल, कैंट निवासी न्यायालय कर्मचारी सुरेश सोनकर ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से अदालत में बीएनएसएस की धारा 173(4) के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। आरोप है कि 20 जनवरी 2026 की रात लगभग 8 से 9 बजे के बीच पड़ोस में रहने वाले भाजपा नेता मनोज कुमार सोनकर व अन्य नामजद लोग लाठी-डंडा और लोहे की रॉड लेकर उनके घर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया।

पीड़ित का आरोप है कि विरोध करने पर हमलावरों ने उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। शोर सुनकर जब परिवार के अन्य सदस्य बचाव के लिए पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई।

लूटपाट और छेड़खानी का आरोप

आरोप है कि हमलावर घर में घुस आए और परिवार की महिलाओं व बच्चों के साथ मारपीट की। पीड़ित की पत्नी के गले से सोने की चेन छीनने, घर में रखे 30 हजार रुपये नकद ले जाने और बेटी के साथ छेड़छाड़ करने के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
इसके अलावा घर में तोड़फोड़ किए जाने का भी उल्लेख प्रार्थना पत्र में किया गया है।

पुलिस कार्रवाई न होने पर कोर्ट की शरण

पीड़ित पक्ष का कहना है कि स्थानीय पुलिस से शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद न्यायालय की शरण ली गई। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए कैंट थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।

अब कैंट थाना पुलिस को न्यायालय के आदेश के अनुपालन में नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच आगे बढ़ानी होगी। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है।