मिर्ज़ापुर के मरीजों को बड़ी राहत: BHU के विशेषज्ञ डॉक्टर साउथ कैंपस (बरकछा) में देंगे ऑनलाइन परामर्श, टेलीमेडिसिन सेवा जल्द
वाराणसी BHU अस्पताल की दौड़ होगी खत्म: आईएमएस टेलीमेडिसिन से जुड़ा राजीव गांधी दक्षिण परिसर बरकछा, एक सप्ताह में शुरू होगी सुविधाएं।
वाराणसी / मिर्ज़ापुर (भदैनी मिरर समाचार)। मिर्ज़ापुर और आसपास के क्षेत्र के मरीजों को अब बेहतर इलाज और विशेषज्ञ डॉक्टरों के परामर्श के लिए वाराणसी स्थित बीएचयू (BHU) अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के राजीव गांधी दक्षिण परिसर (बरकछा) में जल्द ही 'ऑनलाइन ओपीडी' सेवा शुरू होने जा रही है। इसके तहत बीएचयू के सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टर घर के पास ही मरीजों को ऑनलाइन परामर्श उपलब्ध कराएंगे।
इस व्यवस्था को लागू करने के लिए बरकछा स्थित साउथ कैंपस को इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (IMS-BHU) की टेलीमेडिसिन सेवा से जोड़ दिया गया है। यह सुविधा अगले एक सप्ताह के भीतर विधिवत शुरू कर दी जाएगी।
दो चरणों में मिलेगी सुविधा
प्रशासनिक योजना के अनुसार, इस टेलीमेडिसिन सेवा का लाभ दो चरणों में प्रदान किया जाएगा:
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पहला चरण: बरकछा परिसर के कर्मचारियों और उनके आश्रितों को सेवा दी जाएगी।
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दूसरा चरण: आम जनता और स्थानीय मरीजों के लिए ऑनलाइन ओपीडी सेवा पूरी तरह खोल दी जाएगी।
कैसे काम करेगी यह व्यवस्था?
वर्तमान में बरकछा परिसर में चार मेडिकल ऑफिसर तैनात हैं, जो सामान्य बीमारियों का इलाज तो करते हैं लेकिन वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों (Specialists) का अभाव था।
नई व्यवस्था के तहत:
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स्थानीय स्तर पर तैनात मेडिकल ऑफिसर मरीज की शुरुआती जांच और प्राथमिक परामर्श करेंगे।
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यदि मरीज को किसी गंभीर बीमारी के लिए विशेषज्ञ परामर्श की आवश्यकता होगी, तो तय समय सारिणी के अनुसार बीएचयू के संबंधित विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टर ऑनलाइन (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के जरिए मरीज से सीधे संवाद करेंगे।
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अत्यधिक गंभीर स्थिति में विशेषज्ञ डॉक्टर मरीज को सीधे बीएचयू मुख्य अस्पताल के लिए रेफर भी कर सकेंगे।
घर के पास ही मिलेगा बेहतर इलाज: प्रो. एसएन संखवार
आईएमएस (IMS-BHU) के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने इस पहल को क्षेत्र के लिए बड़ी राहत बताया है। उन्होंने कहा कि टेलीमेडिसिन जुड़ने से मिर्ज़ापुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के मरीजों का समय और पैसा दोनों बचेगा। मरीजों को बीएचयू अस्पताल की लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी और उनके घर के पास ही बीएचयू के वरिष्ठ डॉक्टरों का मार्गदर्शन प्राप्त हो सकेगा।