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BHU-VMC MoU: काशी की विरासत चमकाने के लिए BHU और वाराणसी नगर निगम में ऐतिहासिक समझौता, जानें क्या है 'मास्टर प्लान'

हाइवे कॉरिडोर, जल निकासी और मालवीय द्वार का होगा कायाकल्प; BHU के 50 छात्रों को हर साल नगर निगम में मिलेगी इंटर्नशिप, सालों पुराना टैक्स विवाद भी सुलझा।

 

वाराणसी। शिक्षा की राजधानी कहे जाने वाले काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) और वाराणसी नगर निगम (VMC) ने काशी के सतत विकास और सौंदर्यीकरण के लिए एक नए युग की शुरुआत की है। शनिवार को दोनों बड़े संस्थानों के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत अब बीएचयू की शैक्षणिक विशेषज्ञता और नगर निगम के प्रशासनिक संसाधन मिलकर बनारस को और स्वच्छ, हरित व सुव्यवस्थित बनाएंगे।

विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव प्रो. अरुण कुमार सिंह तथा नगर निगम की ओर से नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने इस आधिकारिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान बीएचयू का सालों पुराना प्रॉपर्टी टैक्स (संपत्ति कर) विवाद सुलझने पर भी दोनों पक्षों ने खुशी जताई।

मालवीय द्वार का सौंदर्यीकरण और डाफी कॉरिडोर का होगा विकास

इस साझेदारी के तहत वाराणसी नगर निगम बीएचयू परिसर और उसके आसपास के इलाकों में कई बड़ी अवसंरचना (Infrastructure) और सौंदर्यीकरण परियोजनाओं पर काम करेगा।

  • डाफी कॉरिडोर: हैदराबाद गेट से डाफी तक एक शानदार कॉरिडोर का विकास किया जाएगा।

  • मालवीय द्वार का कायाकल्प: विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार (मालवीय द्वार) के आसपास सौंदर्यीकरण और नागरिक सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाया जाएगा।

  • कंदवा क्षेत्र में जल निकासी: कंदवा और आसपास के इलाकों में वर्षा जल निकासी (Water Logging) की समस्या को दूर करने के लिए ड्रेनेज सिस्टम मजबूत किया जाएगा।

BHU के 50 छात्रों को हर साल मिलेगी सरकारी इंटर्नशिप

छात्रों के व्यावहारिक विकास के लिए नगर निगम हर साल बीएचयू के कम से कम 50 विद्यार्थियों को संरचित (Structured) इंटर्नशिप के अवसर देगा। ये छात्र शहरी प्रशासन, सिविल इंजीनियरिंग, टाउन प्लानिंग, स्वच्छता और सामाजिक पहलों से जुड़े व्यावहारिक पक्षों को करीब से सीख सकेंगे।

आवारा कुत्तों और गोवंश प्रबंधन के लिए संयुक्त टास्क फोर्स

परिसर के अंदर सुरक्षा और स्वच्छता को सुदृढ़ करने के लिए बीएचयू और नगर निगम मिलकर काम करेंगे। इसके तहत बीएचयू कैंपस में निराश्रित गोवंश का बेहतर प्रबंधन किया जाएगा। साथ ही, आवारा कुत्तों के नियंत्रण और उनके शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए संयुक्त अभियान चलाया जाएगा।

सालों पुराना संपत्ति कर विवाद हुआ खत्म, वीसी ने जताया आभार

इस खास मौके पर बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने विश्वविद्यालय के काफी समय से लंबित 'प्रॉपर्टी टैक्स' मामले के सौहार्दपूर्ण समाधान का विशेष रूप से उल्लेख किया। कुलपति ने इस विवाद को सुलझाने के लिए वाराणसी के महापौर (Mayor), नगर निगम सदन के सदस्यों और नगर आयुक्त का आभार व्यक्त किया।

कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी का बयान: "बीएचयू और नगर निगम का यह सहयोगात्मक अध्याय काशी में सकारात्मक बदलाव लाएगा। हम व्यापक जनहित के लिए अपनी शैक्षणिक विशेषज्ञता देने को प्रतिबद्ध हैं। छात्रों के लिए इंटर्नशिप का फैसला उनकी व्यावसायिक उत्कृष्टता को नई धार देगा।"

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल का बयान: "यह साझेदारी बनारस की नागरिक सेवाओं और पर्यावरण को और मजबूत करेगी। महामना मदन मोहन मालवीय जी की इस महान विरासत को संरक्षित करने और इसे आगे बढ़ाने के लिए नगर निगम, बीएचयू के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने के लिए तैयार है।"

शोध और तकनीकी परामर्श पर भी बनी सहमति

भविष्य में दोनों संस्थान मिलकर सहयोगात्मक शोध, विकास सर्वेक्षण, तकनीकी परामर्श, कार्यशालाओं और ज्ञान-साझाकरण गतिविधियों के जरिए बनारस के ट्रैफिक, सार्वजनिक परिवहन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) को बेहतर बनाने पर काम करेंगे।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के वित्ताधिकारी श्री मनोज पांडेय, मुख्य आरक्षाधिकारी (Chief Proctor) प्रो. संदीप पोखरिया, छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह समेत नगर निगम और बीएचयू के कई वरिष्ठ अधिकारी व विशेषज्ञ उपस्थित रहे।