{"vars":{"id": "125128:4947"}}

Varanasi News: यूनियन बजट 2026 पर BHU में पैनल चर्चा, युवाओं, स्टार्टअप्स और MSME सेक्टर पर हुआ मंथन

अटल इन्क्यूबेशन सेंटर में टैक्स गार्जियन और दिवि पॉलिसी फोरम का संयुक्त आयोजन, विशेषज्ञों ने बजट प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया
 

 

वाराणसी। टैक्स गार्जियन एवं दिवि पॉलिसी फोरम (दिवि वेलफेयर फाउंडेशन की पहल) के संयुक्त तत्वावधान में 9 फरवरी 2026 को काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित अटल इन्क्यूबेशन सेंटर में यूनियन बजट 2026 पर पैनल चर्चा का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बजट 2026 के प्रावधानों को सरल और सहज भाषा में प्रस्तुत करना तथा युवाओं, उद्यमियों और एमएसएमई क्षेत्र पर इसके प्रभावों पर सार्थक संवाद स्थापित करना रहा।

विशेषज्ञों ने रखे विचार

पैनल चर्चा में—

  • एल.बी.एस. यादव (निदेशक, MSME–डेवलपमेंट फैसिलिटेशन ऑफिस, प्रयागराज)
  • प्रो. मनीषा ए. मेहता गुप्ता (अर्थशास्त्र विभाग, बीएचयू)
  • सीए जमुना शुक्ला (पूर्व महासचिव, ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ टैक्स प्रैक्टिशनर्स)
  • प्रो. पी.वी. राजीव (प्रोफेसर-इन-चार्ज, अटल इन्क्यूबेशन सेंटर, बीएचयू)

ने यूनियन बजट 2026 के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. सनत कुमार सिंह ने किया।

वक्ताओं ने कहा कि यूनियन बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की आर्थिक प्राथमिकताओं और नीतिगत दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण माध्यम है।


 स्टार्टअप, टैक्स और MSME पर फोकस

प्रो. पी.वी. राजीव ने बजट 2026 में उद्यमिता, स्टार्टअप्स और नवाचार से जुड़े प्रावधानों पर प्रकाश डाला।
सीए जमुना शुक्ला ने बजट में प्रयुक्त कर संबंधी तकनीकी शब्दों को सरल भाषा में समझाया।
प्रो. मनीषा ए. मेहता गुप्ता ने वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत के बजट की तुलना करते हुए देश की आर्थिक विकास दर पर चर्चा की।
वहीं श्री एल.बी.एस. यादव ने MSME सेक्टर से जुड़े बजटीय प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।

युवा उद्यमियों को मिला सम्मान

कार्यक्रम के दौरान टैक्स गार्जियन की ओर से उत्कृष्ट व्यावसायिक योगदान के लिए युवा उद्यमियों को बिज़नेस एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान अमरनाथ मौर्या (ज्वेस्टो फीड), बागेश सिंह और आकांक्षा जायसवाल को प्रदान किया गया।

नीति संवाद को मिलेगा आगे भी मंच

दिवि के संस्थापक बीर भद्र सिंह ने बताया कि दिवि पॉलिसी फोरम के अंतर्गत ऐसे सामाजिक विमर्श और नीतिगत चर्चाओं का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा। वहीं टैक्स गार्जियन के संस्थापक अनूप कुमार पांडेय ने कहा कि इस तरह की पहल बजट 2026 को आमजन तक सरल रूप में पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, उद्यमियों और उद्योग प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय सहभागिता रही।