{"vars":{"id": "125128:4947"}}

BHU: बिरला A हॉस्टल में अव्यवस्थाओं के खिलाफ धरने पर बैठे छात्र, वार्डन पर धक्का देने का आरोप

बीएचयू: बिरला 'ए' हॉस्टल के बाहर किताब-कपड़े लेकर सड़कों पर उतरे छात्र, प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी

 

वाराणसी (भदैनी मिरर)। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के बिरला 'ए' छात्रावास में मूलभूत सुविधाओं की बदहाली से परेशान छात्र शुक्रवार शाम 5 बजे हॉस्टल के बाहर धरने पर बैठ गए। आक्रोशित छात्र अपने साथ बैग, कपड़े, किताबें और हॉस्टल की अव्यवस्थाओं से जुड़ी 50 से अधिक तस्वीरें लेकर बाहर निकले और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

दीमक से खराब हुए नोट्स, शिकायत पर मिली धमकी

धरनारत छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल में लंबे समय से मेंटेनेंस और बुनियादी सुविधाएं ठप पड़ी हैं। बीते एक साल से लगातार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। एक छात्र ने अपनी खराब हो चुकी किताबें और नोट्स दिखाते हुए कहा कि कमरे में दीमक लगने के कारण पढ़ाई का अहम सामान बर्बाद हो गया है। छात्रों ने यह संगीन आरोप भी लगाया कि जब भी वे अपनी आवाज उठाते हैं, तो उन्हें हॉस्टल से बाहर निकालने की धमकी दी जाती है।

वार्डन के आश्वासन पर छात्रों का अविश्वास

विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही एडमिन वार्डन मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि समस्याओं की सूची विश्वविद्यालय प्रशासन को भेज दी गई है और जल्द निस्तारण किया जाएगा। हालांकि, छात्रों ने इस आश्वासन को खारिज करते हुए कहा कि पिछले एक साल से उन्हें सिर्फ यही दिलासा दिया जा रहा है।

धक्का-मुक्की का वीडियो आया सामने

मामले में बिरला 'ए' हॉस्टल के वार्डन सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि छात्रों की सभी मांगें लिखित रूप से उच्च अधिकारियों को भेज दी गई हैं और सुधार कार्य में थोड़ा समय लगेगा। वहीं दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी छात्रों ने एक वीडियो मीडिया के सामने रखा, जिसमें उनका आरोप है कि अपनी समस्या लेकर गए एक छात्र के साथ वार्डन ने धक्का-मुक्की की। छात्रों का कहना है कि जब तक हॉस्टल की स्थिति में धरातल पर सुधार नहीं दिखता, वे शांत नहीं बैठेंगे।