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BHU: चीफ प्रॉक्टर के नोटिस पर भड़के छात्र, लगाया तानाशाही का आरोप, ट्रामा सेंटर में बवाल से जुड़ा है मामला

बिड़ला 'सी' के छात्र आयुष मिश्रा ने कमेटी से जांच की मांग की; कहा- 'आरोप सिद्ध हुए तो ले लूंगा एडमिशन वापस'

 

 

 

भदैनी मिरर डेस्क। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर में एक बार फिर प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर विरोध के सुर तेज हो गए हैं। बिड़ला 'सी' छात्रवास के अंतेवासी छात्र आयुष मिश्रा के नेतृत्व में छात्र मंगलवार शाम धरने पर बैठ गए। छात्रों का आरोप है कि विगत दिनों घायल साथी के उचित उपचार की मांग करने पर विश्वविद्यालय के प्रोक्टोरियल बोर्ड (सुरक्षा टीम) के जैदी ने  छात्रों संग अभद्रता की और अब उल्टे छात्रों पर ही हाथापाई के झूठे आरोप लगाकर मेल भेजे जा रहे हैं।

13 सितंबर की घटना से शुरू हुआ विवाद

धरने पर बैठे छात्र आयुष मिश्रा ने बताया कि बीते 13 सितंबर को उनके एक साथी छात्र को गंभीर चोट लगी थी। आरोप है कि बीएचयू ट्रॉमा सेंटर से उसे बिना सही और पूरा उपचार दिए ही बाहर निकाल दिया गया।
इस बात की जानकारी मिलने पर जब हॉस्टल के कुछ साथी छात्र अस्पताल पहुंचे और उचित इलाज की मांग करने लगे, तो वहां माहौल गर्म हो गया। छात्रों का दावा है कि मौके पर पहुंची बीएचयू सुरक्षा टीम के अधिकारी "जैदी" ने छात्रों के साथ अभद्रता और हाथापाई की, जिसका वीडियो भी छात्रों के पास मौजूद है। भारी विरोध प्रदर्शन के बाद ही घायल छात्र को दोबारा भर्ती किया गया।


'झूठे आरोप में भेजा गया मेल, कमेटी बनाकर हो निष्पक्ष जांच'


आयुष मिश्रा ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद बीएचयू प्रशासन द्वारा उन्हें और उनके दो-तीन अन्य साथियों को एक मेल प्राप्त हुआ है, जिसमें उल्टे छात्रों पर ही सुरक्षाकर्मियों के साथ हाथापाई करने का आरोप लगाया गया है।
प्रशासनिक मेल से आहत छात्र अब धरने पर बैठ गए हैं। आयुष मिश्रा ने खुलकर चुनौती देते हुए कहा, "मैं अपना एडमिशन दांव पर रख रहा हूँ। विश्वविद्यालय प्रशासन तुरंत जांच कमेटी बैठाए। यदि मेरे खिलाफ हाथापाई का एक भी साक्ष्य या वीडियो निकल आता है, तो मैं अपना एडमिशन खुद वापस ले लूँगा। लेकिन यदि मैं निर्दोष सिद्ध होता हूँ, तो अभद्रता करने वाले संबंधित अधिकारी पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।"

छात्रों के धरने पर बैठने की खबर मिलते ही विश्वविद्यालय परिसर में प्रशासनिक हलचल बढ़ गई है। छात्र मांग कर रहे हैं कि कमेटी तुरंत बिठाई जाए और दूध का दूध, पानी का पानी किया जाए। फिलहाल मौके पर स्थिति को संभालने और छात्रों से वार्ता करने के प्रयास किए जा रहे हैं।