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BHU:  अस्पताल में पद्मश्री डॉ. टीके लहरी से मारपीट का आरोप: शिकायत पर बैठा मेडिकल बोर्ड, निदेशक बोले-'मारपीट की बात गलत'

कार्डियोथोरेसिक विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर पर ICU में दुर्व्यवहार का आरोप; कोलकाता में रहने वाले परिजनों ने VC को भेजी ई-मेल शिकायत, अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को नकारा

 

 

भदैनी मिरर डिजिटल डेस्क: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के सर सुंदरलाल अस्पताल के आईसीयू में करीब आठ महीने से भर्ती 85 वर्षीय पद्मश्री प्रोफेसर डॉ. टीके लहरी के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार का गंभीर मामला सामने आया है। प्रो. लहरी के परिजनों ने आरोप लगाया है कि कार्डियोथोरेसिक विभाग के एक एसोसिएट प्रोफेसर ने आईसीयू के भीतर उनके साथ गाली-गलौज की और थप्पड़ मारा, जिससे उनके चेहरे और आंख पर चोट आई है।

ई-मेल से कुलपति और निदेशक से शिकायत

कोलकाता में रहने वाले प्रो. लहरी के परिजनों को घटना की जानकारी विभाग के ही एक अन्य डॉक्टर के जरिए 1 सितंबर को मिली। परिजनों को चेहरे पर चोट के फोटो भी उपलब्ध कराए गए। इसके बाद परिजनों ने बीएचयू के कुलपति, आईएमएस निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक को ई-मेल भेजकर निष्पक्ष जांच और प्रो. लहरी की संपूर्ण आंतरिक-बाहरी चिकित्सकीय जांच कराने की मांग की।

अस्पताल प्रशासन और निदेशक का पक्ष: 'मारपीट की बात गलत'

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए आईएमएस बीएचयू के निदेशक डॉ. एस.एन. संखवार ने बताया कि ई-मेल मिलते ही टीम ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस डॉक्टर पर आरोप लगाया जा रहा है, वह प्रो. लहरी का शिष्य है और लगातार उनकी सेवा में लगा हुआ है।

निदेशक ने कहा, "परिजनों को सभी रिपोर्ट्स और स्थिति की जानकारी दे दी गई है और उन्हें आकर मिलने को कहा गया है, लेकिन 2 सितंबर से अब तक कोई नहीं आया।" वहीं चिकित्सा अधीक्षक प्रो. पुनीत कुमार ने भी कहा कि शनिवार को मेडिकल बोर्ड के सदस्यों ने आईसीयू का निरीक्षण किया है और प्रथम दृष्टया पिटाई के आरोप सही नहीं लग रहे हैं।

27 जनवरी से ICU में भर्ती हैं प्रो. लहरी

मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट पद्मश्री डॉ. टीके लहरी 27 जनवरी 2026 से अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं। परिजनों का यह भी आरोप है कि प्रो. लहरी जब बीमार पड़े थे, तब भी बीएचयू प्रशासन को समय पर सूचना नहीं मिली थी और वे करीब 15 दिनों तक घर पर ही पड़े रहे थे।

निशुल्क सेवा और सादगी की मिसाल हैं डॉ. लहरी

3 जनवरी 1941 को कोलकाता में जन्मे डॉ. टीके लहरी वर्ष 2003 में आईएमएस बीएचयू से सेवानिवृत्त हुए थे। रिटायरमेंट के बाद भी वे कई वर्षों तक नि:शुल्क मरीजों का इलाज करने पैदल सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक जाते थे। चिकित्सा के क्षेत्र में उनके अप्रतिम योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2006 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। वह अपनी पेंशन का बड़ा हिस्सा दान कर देते हैं और सादगीपूर्ण जीवन जीने के लिए जाने जाते हैं। फिलहाल बीएचयू प्रशासन द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड मामले की विस्तृत जांच कर रहा है।