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BHU विवाद: चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ लामबंद हुए सभी छात्र संगठन, मधुबन में प्रेस वार्ता कर आंदोलन का किया ऐलान

AISA, BCM, NSUI और 'दिशा' ने प्रशासन पर लगाया तानाशाही का आरोप; BFA प्रवेश परीक्षा धांधली और सुरक्षा गार्ड्स की हिंसक कार्रवाई पर उठाए गंभीर सवाल

 

वाराणसी (BHU) / भदैनी मिरर: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में प्रशासन और चीफ प्रॉक्टर के कथित छात्र-विरोधी रवैये और तानाशाही के खिलाफ परिसर के प्रमुख छात्र संगठन एक मंच पर आ गए हैं। सोमवार (14 सितंबर 2026) को बीएचयू के मधुबन परिसर में अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA), भगत सिंह छात्र मोर्चा (BCM), भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) और दिशा छात्र संगठन ने संयुक्त रूप से एक प्रेस वार्ता आयोजित कर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

BFA प्रवेश परीक्षा में धांधली और हिंसा का आरोप

प्रेस वार्ता के दौरान छात्र नेताओं ने बीएफए (BFA) प्रवेश परीक्षा के प्रैक्टिकल एग्जाम में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और धांधली का गंभीर आरोप लगाया। छात्र संगठनों ने कहा कि जब परीक्षार्थी और छात्र अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत सेंट्रल ऑफिस पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पहुंचे, तो प्रशासन ने संवाद करने के बजाय दमनकारी नीति अपनाई।

आरोप है कि सुरक्षा गार्ड्स ने छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया और 9 सितंबर को जवाब मांगने गए छात्रों के साथ प्रॉक्टोरियल बोर्ड के कर्मियों द्वारा बेरहमी से मारपीट की गई, जिसमें कई छात्र घायल हो गए।

प्रशासन पर चुनिंदा संगठनों को संरक्षण देने का दावा

छात्र नेताओं ने चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर संदीप पोखरिया पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन निष्पक्ष रहने के बजाय कुछ खास छात्र संगठनों (जैसे ABVP) को खुला संरक्षण दे रहा है। उन्होंने बताया कि 5 सितंबर को नए प्रवेशार्थियों के मार्गदर्शन के लिए लगाए जाने वाले हेल्पडेस्क के दौरान अन्य छात्र संगठनों को जबरन रोक दिया गया, जो परिसर में लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।

चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान

संयुक्त प्रेस वार्ता में छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि कैंपस में सेल्फ फाइनेंस कोर्स, अनियमित कक्षाओं, लैंगिक भेदभाव और छात्र उत्पीड़न जैसे गंभीर मुद्दों पर प्रशासन पूरी तरह असंवेदनशील बना हुआ है। किसी भी आवाज को दबाने के लिए जांच कमेटियां गठित कर नोटिस भेजने का डर दिखाया जाता है।

छात्र संगठनों ने सर्वसम्मति से ऐलान किया कि बीएचयू में लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली और चीफ प्रॉक्टर के तत्काल इस्तीफे की मांग को लेकर वे चरणबद्ध और बड़ा आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं।

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