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सावन से पहले एक्शन मोड में बनारस प्रशासन: DM और पुलिस कमिश्नर ने जमीन पर उतरकर नापा कांवड़ रूट, सुरक्षा के कड़े निर्देश

कांवड़ मार्ग पर गड्ढे भरें और चालू करें स्ट्रीट लाइटें: मिर्जामुराद में प्राचीन शिव मंदिर पहुंचे अधिकारी, ट्रैफिक डायवर्जन का खाका तैयार

 

 

 

 

वाराणसी। मिर्जामुराद में सावन पवन महीने की शुरुआत से पहले, शिवभक्त कांवड़ियों की सुरक्षा और सुगमता को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह फिर एक बार एक्शन मोड में आ गया। शनिवार को कावरिया रूट का जायजा लेने निकले जिले के आलाधिकारियो में जिलाधिकारी सतेंद्र कुमार, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, अपर पुलिस आयुक्त शिव हरी मीणा के नेतृत्व में टीम पहले वाराणसी-भदोही के सीमावर्ती इलाकों और मिर्जामुराद क्षेत्र का सघन दौरा कर कांवड़ यात्रा रूट का जायजा लिया। मिर्जामुराद बंगला चट्टी स्थित प्राचीन शिव मंदिर, तालाब का निरक्षण किया और जरूरी दिशा निर्देश दिए। इस दौरान कावरिया सेवा समिति के अध्यक्ष पंडित संतोष त्रिपाठी उर्फ पप्पू गुरु उन्होंने डीएम और पुलिस कमिश्नर को विधि विधान से दर्शन पूजन एवं जलाभिषेक करवाया। इसके बाद श्रावण मास तक चलने वाले कावड़िया सेवा शिविर पर विशेष सुरक्षा प्रदान करने की हिदायत दी।

 

बता दे कि सावन के महीने में हर साल लाखों की संख्या में कांवड़िए प्रयागराज से गंगाजल लेकर नेशनल हाईवे (NH-19) के रास्ते जगह जगह विश्राम लेते हुए वाराणसी (काशी विश्वनाथ धाम) पहुंचते हैं। इस भारी भीड़ को देखते हुए हर वर्ष की तरह इस बार भी हाईवे की एक लेन को पूरी तरह कांवड़ियों के लिए आरक्षित (रिजर्व) करने की योजना है। शनिवार को आला अधिकारियों का काफिला सबसे पहले वाराणसी और भदोही के सीमावर्ती क्षेत्र गुड़िया बॉर्डर पहुंचा। यहाँ अधिकारियों ने रूट डायवर्जन और सुरक्षा चौकियों की स्थिति की समीक्षा की। इसके बाद टीम मिर्जामुराद स्थित बंगला चट्टी के राधा कृष्ण मंदिर पहुंची, जहां कांवड़ियों के विश्राम और सुरक्षा को लेकर व्यापक चर्चा हुई। अधिकारियों ने इसके बाद रखौना रिंग रोड और राजातालाब क्षेत्र का भी बारीकी से निरीक्षण किया।

 

इस हाई-प्रोफाइल निरीक्षण के दौरान पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी जमीन पर मुस्तैद दिखे। मुख्य रूप से: जिलाधिकारी सतेंद्र कुमार, पुलिस आयुक्त मोहित अपर पुलिस आयुक्त शिव हरी मीणा , एडीसीपी नृपेंद्र, एसडीएम राजातालाब शान्तनु सिनसिनवार, एसीपी राजातालाब वीर सिंह व थाना प्रभारी मिर्जामुराद गोपाल जी कुशवाहा सहित सैकड़ों सुरक्षा कर्मी राजस्व टिम व यातायात नेशनल हाईवे की टीम भी उपस्थित रही।

इस दौरान यातायात प्रबंधन ट्रैफिक विभाग को निर्देश दिया गया कि कांवड़ मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश समय रहते प्रतिबंधित किया जाए और वैकल्पिक मार्गों (रूट डायवर्जन) का साइन बोर्ड स्पष्ट रूप से लगाया जाए ताकि आम जनता को असुविधा न हो। सुरक्षा और चौकसी: बंगला चट्टी मंदिर और अन्य विश्राम स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों की स्थिति दुरुस्त करने और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों (एलआईयू) की तैनाती के निर्देश दिए गए। सड़क की मरम्मत: एनएचएआई और स्थानीय प्रशासन से समन्वय स्थापित कर कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले गड्ढों को तुरंत भरने और स्ट्रीट लाइटों को चालू करने को कहा गया है। अधिकारियों का संदेश: " एक माह तक चलने वाले सावन मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिवभक्तों की सेवा और सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।" इस निरीक्षण के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन भी अलर्ट हो गया है और सावन की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है।