BHU में युवाओं को शराब के दुष्प्रभावों से बचाने पर जागरूकता कार्यशाला
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग में "युवाओं में शराब के दुष्प्रभावों की रोकथाम" पर कार्यशाला का हुआ आयोजन।
वाराणसी (भदैनी मिरर)। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के सभागार में बुधवार को "युवाओं में शराब के दुष्प्रभावों की रोकथाम, सजगता और संरक्षण" विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कन्ज्यूमर वॉयस, कन्ज्यूमर गिल्ड तथा पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से बचाना, स्वस्थ जीवनशैली के प्रति प्रेरित करना और नशा मुक्त समाज के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
शराब से केवल स्वास्थ्य ही नहीं, सामाजिक जीवन भी होता है प्रभावित: आचार्य बाला लखनदार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता आचार्य बाला लखनदार ने कहा कि शराब का सेवन केवल व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य को ही नहीं बिगाड़ता, बल्कि उसके परिवार, सामाजिक ताने-बाने और भविष्य को भी गर्त में धकेल देता है। आज के युवाओं को क्षणिक सुख, सोशल प्रेशर और गलत संगति से बचकर अपने करियर एवं लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है।
उन्होंने आगे कहा कि नशा सोचने-समझने की क्षमता को क्षीण कर देता है, जिससे गंभीर सामाजिक और आर्थिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं। उन्होंने युवाओं से आगे आकर नशा मुक्त भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
युवा शक्ति ही राष्ट्र के विकास का मुख्य आधार: पुनीत मिश्रा
कार्यक्रम में अपने विचार रखते हुए बीएचयू के युवा छात्र पुनीत मिश्रा ने कहा कि किसी भी देश की वास्तविक ताकत उसकी युवा आबादी होती है। यदि युवा नशे जैसी कुरीतियों से दूर रहकर शिक्षा, कौशल विकास और रचनात्मक कार्यों में अपनी ऊर्जा लगाएं, तो वे समाज और राष्ट्र को नई ऊंचाई पर ले जा सकते हैं। इस प्रकार के जागरूकता अभियान विद्यार्थियों को न केवल सही दिशा दिखाते हैं, बल्कि उन्हें सामाजिक उत्तरदायित्वों का अहसास भी कराते हैं।
शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों पर विशेषज्ञों ने दिया जोर
कार्यशाला के दौरान विषय विशेषज्ञों ने शराब के सेवन से होने वाली बीमारियों, पारिवारिक कलह, सड़क हादसों और बढ़ते अपराधों पर विस्तृत जानकारी दी। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि नशे से बचाव के लिए जनजागरूकता अभियानों के साथ-साथ परिवार का सहयोग, सकारात्मक मित्र मंडली (peer group) और सही समय पर काउंसलिंग की अत्यंत आवश्यकता है।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में उपस्थित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों और शिक्षकों ने स्वयं नशा मुक्त जीवन जीने और समाज में इसके प्रति अलख जगाने का सामूहिक संकल्प लिया।