Varanasi News: गंगा किनारे के 25 वार्डों की समस्याएं अब महज 4 घंटे में होंगी दूर
व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 8601872601 पर दर्ज होगी शिकायत, जियो-टैग्ड सिस्टम से 14 जनसमस्याओं का तुरंत होगा समाधान
वाराणसी भदैनी मिरर: वाराणसी के नागरिकों को अब गंदगी, सीवर ओवरफ्लो या बंद स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वाराणसी नगर निगम ने जनसमस्याओं के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी 'त्वरित-समाधान स्मार्ट पायलट प्रोजेक्ट' की शुरुआत की है।
सोमवार को सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान महापौर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि 21 जुलाई से शुरू हो रहे इस प्रोजेक्ट के तहत महज 4 घंटे के भीतर धरातल पर समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा।
व्हाट्सएप नंबर 8601872601 पर कैसे दर्ज कराएं शिकायत?
प्रथम चरण में गंगा नदी के तटीय क्षेत्रों में स्थित 25 वार्डों को शामिल किया गया है। यहाँ के नागरिक सुबह 8:00 बजे से अपराह्न 2:00 बजे के बीच अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं:
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मोबाइल में व्हाट्सएप नंबर 8601872601 सेव करें और 'Hi' लिखकर भेजें।
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चैटबॉट के निर्देशानुसार अपनी शिकायत का प्रकार और वार्ड नंबर चुनें।
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समस्या वाली जगह की लाइव जीपीएस लोकेशन और फोटो अपलोड करें।
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शिकायत दर्ज होते ही व्हाट्सएप पर आपको एक टिकट आईडी प्राप्त होगी और संबंधित अधिकारी के ऐप पर अलर्ट चला जाएगा।
जियो-टैगिंग और ऑटो-लॉक से तय होगी जवाबदेही
पूरी प्रक्रिया को मानवीय हस्तक्षेप से मुक्त रखा गया है:
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जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करेगा और अपने स्पेशल ऐप से समाधान की फोटो खींचेगा।
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ऐप फोटो के साथ उस स्थान के जीपीएस कोऑर्डिनेट्स (अक्षांश/देशांतर) और समय को ऑटो-लॉक कर देगा।
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बैकएंड सिस्टम से सत्यापन होते ही शिकायत 'क्लोज' हो जाएगी और नागरिक को व्हाट्सएप पर समाधान का संदेश मिल जाएगा।
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6 विभागों की इन 14 प्रमुख समस्याओं को किया गया शामिल
नगर निगम ने 4 घंटे की समयसीमा में समाधान के लिए 6 विभागों की 14 समस्याओं को चिन्हित किया है:
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स्वास्थ्य विभाग (5): सफाई कार्य, डोर-टू-डोर कचरा उठान, खाली प्लॉट/नाली/यूरिनल की सफाई।
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जलकल विभाग (3): सीवर ओवरफ्लो, 100 एमएम तक की पाइपलाइन लीकेज, सड़क पर गंदा पानी बहाना।
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सामान्य अभियांत्रिकी (2): जलभराव और नाले की बैरिकेडिंग।
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आलोक विभाग (2): पोल में करंट उतरना और स्ट्रीट लाइट समय से जलाना/बुझाना।
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उद्यान एवं पशु विभाग (2): पार्क का कचरा उठाना एवं सार्वजनिक स्थानों से मृत पशु हटाना।
प्रथम चरण में शामिल 25 वार्डों की सूची
यह सुविधा शुरुआत में 4 ज़ोन के 25 तटीय वार्डों में लागू की जा रही है:
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आदमपुर ज़ोन (6): राजघाट (15), कोनिया (68), घसियारीटोला (72), ओमकालेश्वर (80), प्रह्लादघाट (55), हनुमान फाटक (67)।
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भेलूपुर ज़ोन (4): शिवाला (75), बागहाड़ा (74), मदनपुरा (78), नगवां (22)।
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दशाश्वमेध ज़ोन (10): सिगरा (53), दशाश्वमेध (96), बंगालीटोला (91), जंगमबाड़ी (89), सूर्यकुण्ड (82), रामापुरा (90), आदिविशेश्वर (69), मध्यमेश्वर (66), गोलादीनानाथ (84), पियरीकलां (83)।
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कोतवाली ज़ोन (5): कालभैरव (97), बिन्दुमाधव (79), कृतिवाशेश्वर (81), ईश्वरगंगी (73), बलुआबीर (88)।
कमांड सेंटर से रखी जाएगी कड़ी नजर
शिकायतों की मॉनिटरिंग के लिए एक विशेष कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया गया है। इसमें आईटी एक्सपर्ट, डेटा एनालिस्ट और 7 ऑपरेटरों की टीम सुबह 6:00 से रात 9:00 बजे तक शिफ्टवार तैनात रहेगी।
अन्य किसी भी सहायता के लिए नागरिक नगर निगम के डेस्क नंबर 0542-2720005 पर संपर्क कर सकते हैं।