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वाराणसी में दर्दनाक हादसा, मां की आंखों के सामने 6 साल के मासूम को ट्रेलर ने कुचला; आरोपी ड्राइवर गिरफ्तार

काशी रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य में लगे वाहनों का फिर दिखा कहर, भदऊ चुंगी जीटी रोड पर पसरा मातम

 

वाराणसी, भदैनी मिरर: वाराणसी के आदमपुर थाना अंतर्गत भदऊ चुंगी जीटी रोड पर शुक्रवार की रात एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। काशी रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण कार्य में लगे एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने 6 साल के मासूम बच्चे को कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। अपनी आंखों के सामने कलेजे के टुकड़े को दम तोड़ते देख मां बदहवास हो गई और दहाड़ें मारकर रोने लगी। इस हृदयविदारक घटना से पूरे इलाके में मातम और आक्रोश का माहौल है।

सड़क पार करते समय हुआ हादसा, पुलिस ने घेराबंदी कर ड्राइवर को दबोचा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, भदऊचुंगी स्थित पेट्रोल पंप के सामने सड़क किनारे झोपड़ी बनाकर गोलू विश्वकर्मा अपने परिवार के साथ रहते हैं। वह चाकू और कैंची की धार तेज कर (सान लगाकर) किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। गोलू के दो बेटे थे- 10 साल का आकाश और 6 साल का धनराज।

शुक्रवार रात करीब 8:15 बजे छोटा बेटा धनराज किसी काम से सड़क पार कर रहा था, तभी वहां से गुजर रहे भारी-भरकम ट्रेलर ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद चालक राजघाट पुलिस पिकेट के पास ट्रेलर खड़ा कर भागने की फिराक में था, लेकिन मुस्तैद पुलिस कर्मियों ने पीछा कर उसे दबोच लिया। आदमपुर इंस्पेक्टर विमल मिश्रा ने बताया कि ट्रेलर और उसके चालक को हिरासत में ले लिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

पहले भी काल बन चुके हैं निर्माण कार्य में लगे वाहन, 20 जून को भी हुआ था हादसा

काशी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और निर्माण कार्य में लगे भारी वाहनों की लापरवाही का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी स्थानीय लोग इन वाहनों की तेज रफ्तार को लेकर शिकायत कर चुके हैं।

  • 20 जून की घटना: कोनिया पंचायती कुआं से कज्जाकपुरा रेलवे ट्रैक की ओर जाने वाले मार्ग पर मिट्टी लादकर जा रहा एक अनियंत्रित डंपर घर के बाहर चारपाई पर सो रही बिंदु देवी और उनके 8 वर्षीय बेटे किशन पर चढ़ गया था।

  • अब तक इलाज जारी: इस भीषण हादसे में गंभीर रूप से घायल मां-बेटे का अस्पताल में अभी भी इलाज चल रहा है, और लोग उस घटना को भूले भी नहीं थे कि कल रात एक और मासूम इसकी भेंट चढ़ गया।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य में लगे इन भारी वाहनों की गति सीमा तय की जाए और भीड़भाड़ वाले रिहायशी इलाकों में इनके संचालन को लेकर कड़े नियम बनाए जाएं ताकि भविष्य में किसी और मासूम की जान न जाए।