काशी विद्यापीठ का 48वां दीक्षांत समारोह: रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में सजेगा दीक्षोत्सव
कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी की अध्यक्षता में तैयारियों की समीक्षा; पारंपरिक भारतीय 'पीत वर्णीय' ड्रेस कोड अनिवार्य, परिसर में प्लास्टिक बैन
वाराणसी (भदैनी मिरर ब्यूरो): महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 48वें दीक्षांत समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दीक्षांत समारोह और उससे पहले आयोजित होने वाले 'दीक्षोत्सव' की कार्य योजना और प्रगति पर गहन मंथन हुआ।
इस बार का दीक्षांत समारोह सिगरा स्थित अत्याधुनिक रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय को पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए परिसर में नॉन-बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
लागू हुआ भारतीय पारंपरिक ड्रेस कोड, वेस्टर्न कपड़ों पर रोक
बैठक में दीक्षांत समारोह की गरिमा और भारतीय संस्कृति को बनाए रखने के लिए एक सख्त ड्रेस कोड निर्धारित किया गया है। समारोह में शामिल होने वाले सभी प्रतिभागियों, अतिथियों और छात्र-छात्राओं के लिए भारतीय पारंपरिक पीत वर्णीय (पीला/बसंती रंग) परिधान पहनना अनिवार्य होगा।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आधुनिक और पश्चिमी पहनावे को लेकर सख्त रुख अपनाया है:
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पुरुषों के लिए: पीला या बसंती रंग का कुर्ता और सफेद धोती/पायजामा, या फिर पीला/बसंती शर्ट और सफेद पैंट।
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महिलाओं के लिए: पीले रंग की पारंपरिक साड़ी या पीला सलवार-सूट।
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इन पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध: समारोह में जींस, टी-शर्ट, काले और किसी भी प्रकार के गहरे रंग के वस्त्र पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे।
विश्वविद्यालय परिसर में प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध
प्रधानमंत्री के 'स्वच्छ भारत अभियान' को गति देते हुए कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने विश्वविद्यालय परिसर को पूरी तरह से इको-फ्रेंडली बनाने का निर्देश दिया। इसके तहत पूरे कैंपस में समग्र रूप से नॉन-बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक के उपयोग पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है, ताकि पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सके।
स्वर्ण पदक विजेताओं की सूची और स्मारिका को मंजूरी
बैठक के दौरान दीक्षांत समारोह के लिए तैयार की गई विशेष 'दीक्षांत स्मारिका' और निमंत्रण पत्र (इनविटेशन कार्ड) के प्रारूप को अंतिम रूप देकर स्वीकृत किया गया। इसके साथ ही, इस वर्ष सर्वोच्च अंक पाकर स्वर्ण पदक (Gold Medal) प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं के परीक्षा परिणामों और योग्यता क्रम (मेरिट लिस्ट) की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। इनमें मुख्य रूप से कुलसचिव (Registrar) डॉ. सुनीता पाण्डेय, कुलानुशासक (Proctor) प्रो. के.के. सिंह, डीन एकादमिक प्रो. बंशीधर पाण्डेय और परीक्षा नियंत्रक (Controller of Examinations) दीप्ति मिश्रा सहित विभिन्न समितियों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।