SIR टारगेट पूरा न कर पाने से परेशान मुरादबाद के BLO ने लगा ली फांसी, अबतक 7 की मौत
यूपी में अबतक तीसरे BLO ने की खुदकुशी, अन्य कारणों से चार की हो चुकी है मौत
सर्वेश ने मौत से पहले लिखा तीन पेज का सुसाइड नोट, कहा-SIR का टारगेट नही पूरा कर पा रहा
मुरादाबाद। यूपी में मतदाता विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) में लगे मुरादाबाद के बीएलओ 35 वर्षीय सर्वेश सिंह ने रविवार की सुबह अपने घर के अंदर ही फांसी का फंदा लगाकर जान दी है। सर्वेश टीचर थे। सर्वेश की जेब से तीन सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइट लेटर में BLO ने टार्गेट के टेंशन और अधिकारियों के दबाव को कारण बताया है। घटना से नाराज BLO के परिजनों ने चक्काजाम की भी कोशिश की लेकिन पुलिस ने समझा-बुझाकर हटा दिया। यूपी में एसआईआर (SIR) शुरू होने के बाद से अब तक सात BLO की मौत हो चुकी है। इनमें तीन ने सुसाइड किया है। खुदकुशी से पहले सर्वेश ने तीन पेज का सुसाइड नोट लिखा है। नोट में लिखा कि वह अपना टारगेट पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इसके चलते रात को 2-3 घंटे भी नहीं सो पा रहा हैं। उसकी चार छोटी-छोटी बेटियां हैं और दो की तबियत खराब है। परिवार ने हौंसला बढ़ाया, लेकिन वह जिंदगी की जंग हार गए। सुसाइड नोट पुलिस के पास है और वह मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार भोजपुर के गांव के बहेड़ी ब्राह्मन निवासी सर्वेश कुमार जाहिदपुर गांव के कंपोजिट विद्यालय में शिक्षक थे। उन्हें एसआइआर (SIR) के काम के लिए बूथ नंबर 406 का बीएलओ बनाया गया था। शनिवार की रात वह अपने कमरे में सो गए। रविवार की सुबह घरवालों ने उनका शव फंदे पर लटका देखा। खुदकुशी की सूचना पर पुलिस और फोरेंसिंक टीम पहुंची। जांच के दौरान कमरे से सर्वेश का लिखा तीन पेज का सुसाइड नोट मिला। यह सुसाइड नोट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और परिवारवालों को संबोधित है। शिक्षक सर्वेश ने सुसाइड नोट में लिखा कि उसे पहली बार यह काम मिला। इसके विषय में पूर्ण जानकारी न होने के कारण दिन-रात मेहनत के बाद भी अपना टारगेट पूरा नहीं कर पा रहा है। इसके चलते वह बहुत परेशान है और मानसिक संतुलन खराब हो गया। इससे परेशान होकर उसे आत्मघाती कदम उठाना पड़ रहा है। लिखा कि मेरे परिवार ने बहुत हौंसला बढ़ाया, मगर मैं हार गया। मेरे न होने के बाद मेरे किसी भी व्यक्ति पर कोई दोष नहीं लगना चाहिए। कहने को तो बहुत कुछ है, लेकिन समय बहुत कम है। मुझे माफ करना। मेरे विद्यालय के बच्चों को बहुत प्यार देना। मैं जीना तो चाहता हूं पर क्या करूं। मुझे बहुत बेचैनी है। मैं घुटन एवं खुद को डरा महसूस कर रहा हूं। पत्र में आगे लिखा कि मेरी चार छोटी बेटियां हैं। बेटियां का ख्याल रखना। बच्चे बहुत मासूम हैं। मैं यह पत्र लिखते समय बहुत पीड़ा महसूस कर रहा हूं। अगर समय ज्यादा होता तो शायद मैं इस कार्य को पूर्ण कर देता क्योंकि यह समय मेरे लिए पर्याप्त नहीं था। मुझे माफ कर देना।
फतेहपुर में लेखपाल, गोंडा में सहायक अध्यापक ने भी दे दी जान
यूपी में पिछले एक हफ्ते में ही एसआईआर (SIR) में लगे तीन BKO ने अब तक जान दे दी है। सबसे पहले फतेहपुर में 25 नवम्बर को बीएलओ का काम देख रहे लेखपाल रामलाल कोरी ने अपनी शादी से एक दिन पहल्ले जान दे दी थी। उसे अपनी ही शादी के लिए छुट्टी नहीं मिल रही थी। अधिकारी काम का दबाव बनाते रहे और सस्पेंड करने की धमकी दे रहे थे। मेंहदी की रस्म वाले दिन ही घर आकर कानूनगो ने धमकी द थी। इससे परेशान होकर लेखपाल ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। 25 नवंबर को ही गोंडा में जौनपुर के रहने वाले बीएलओ विपिन यादव ने जहर खाकर जान दे दी थी। जहर खाने के बाद उनका एक वीडियो भी वायरल हुआ। इसमें एसडीएम समेत अधिकारियों पर एसआईआ को लेकर दबाव बनाने का आरोप लगा रहे थे। उनकी तैनाती सहायक अध्यापक के रूप में थी।
अलग-अलग कारणों से इन चार बीएलओ की ड्यूटी के दौरान मौत
इसके अलावा चार बीएलओ की अलग अलग कारणों से ड्यूटी के दौरान मौत हुई है। बिजनौर में 29 नवंबर को शोभा रानी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। देवरिया में आशीष मौर्य की 29 को ही तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। बरेली में 26 नवंबर को सर्वेश गंगवार की हार्ट अटैक से जान चली गई। मलिहाबाद में 21 नवंबर को शिक्षामित्र विजय कुमार की ब्रेन हैमरेज से मौत हो गई।