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UPPCL News: बैकफुट पर पावर कॉरपोरेशन, बिजली बिलों पर फिर छपेगा नाम और पता; उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत

लखनऊ/वाराणसी: उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन (UPPCL) ने बिजली बिलों से उपभोक्ताओं का नाम और पता हटाने का अपना फैसला वापस ले लिया है।

 

भदैनी मिरर: उत्तर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। बिजली बिलों से उपभोक्ताओं का नाम और पता हटाने वाले अपने विवादास्पद फैसले पर उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन (UPPCL) को बैकफुट पर आना पड़ा है। कानूनी पचड़े और चौतरफा विरोध के बाद पावर कॉरपोरेशन ने अपने बिलिंग सॉफ्टवेयर में संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके बाद जल्द ही बिलों पर उपभोक्ताओं का नाम व पूरा पता दोबारा अंकित होने लगेगा।

उपभोक्ता परिषद की याचिका के बाद हरकत में आया विभाग

दरअसल, बिना किसी पूर्व सूचना के पावर कॉरपोरेशन ने बिजली बिलों से उपभोक्ताओं के नाम और पते की जानकारी हटा दी थी। इसके खिलाफ राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग में याचिका दाखिल कर दी।

उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने स्पष्ट किया कि वर्ष 1959 में गठित राज्य विद्युत परिषद के समय से ही बिलों पर उपभोक्ताओं का पूरा ब्योरा अंकित होता रहा है। कॉरपोरेशन का यह फैसला विद्युत वितरण संहिता-2005 की धारा 6.5(ए) का सीधा उल्लंघन था। नियामक आयोग में मामला पहुंचते ही कॉरपोरेशन बैकफुट पर आ गया।

निदेशक (वाणिज्य) ने दिए तुरंत सुधार के निर्देश

आयोग में याचिका दायर करने के साथ ही उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने पावर कॉरपोरेशन के निदेशक (वाणिज्य) से मुलाकात कर इसके गंभीर कानूनी पहलुओं से अवगत कराया। कानूनी स्थिति स्पष्ट होते ही निदेशक ने तत्काल आईटी (IT) टीम को तलब किया और बिलों से नाम-पता हटाने की व्यवस्था को तुरंत रद्द करते हुए सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव करने के निर्देश दे दिए।

एड्रेस प्रूफ के रूप में बिजली बिल का महत्व

उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि बिजली बिल केवल भुगतान की रसीद मात्र नहीं है, बल्कि यह देश भर में पते (Address Proof) के आधिकारिक दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाता है।

बिल पर नाम-पता न होने से उपभोक्ताओं को कई आवश्यक कार्यों में परेशानी आ रही थी, जैसे:

  • आधार कार्ड में पता अपडेट कराने और पासवर्ड/पासपोर्ट बनवाने में।

  • नए बैंक खाते खोलने और केवाईसी (KYC) अपडेट कराने में।

  • ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने या उसमें पता बदलवाने में।

  • वाहन की आरसी (RC) अपडेट कराने में।

  • एलपीजी (LPG) गैस कनेक्शन लेने या ट्रांसफर कराने में।

  • डाकघर बचत खाते, ब्रॉडबैंड और लैंडलाइन कनेक्शन प्राप्त करने में।

पावर कॉरपोरेशन द्वारा व्यवस्था बहाल करने के इस निर्णय से प्रदेश के करोड़ों उपभोक्ताओं को कागजी कार्रवाइयों में होने वाली भारी असुविधा से मुक्ति मिलेगी।