{"vars":{"id": "125128:4947"}}

UP: थाने के अंदर दरोगा का 'रिश्वत कांड', एंटी करप्शन टीम ने 10 हजार की घूस लेते रंगेहाथ दबोचा; मचा हड़कंप

NDPS केस से नाम निकालने के बदले मांगी थी मोटी रकम

 

मेरठ(उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि पर एक बार फिर दाग लगा है। मेरठ के पल्लवपुरम थाने में तैनात एक दरोगा को एंटी करप्शन टीम ने शनिवार को थाने के भीतर ही रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दरोगा एक महिला को नशीले पदार्थों की तस्करी (NDPS एक्ट) के मामले में राहत देने के नाम पर 10 हजार रुपये की मांग कर रहा था।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, मेडिकल थाना क्षेत्र के मनीष कुमार और उनकी पत्नी सीमा के खिलाफ पल्लवपुरम थाने में NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज था। मनीष इस मामले में जेल काट चुका था, जबकि उसकी पत्नी सीमा अभी भी फरार चल रही थी। इस केस की जांच कर रहे 2023 बैच के दरोगा छत्रपाल सिंह ने सीमा को राहत देने और केस को रफा-दफा करने के बदले मनीष से रिश्वत की डिमांड की थी।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/SvIiaYtWQdY?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/SvIiaYtWQdY/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" title="YouTube video player" width="560">

एंटी करप्शन टीम का 'ऑपरेशन क्लीन'

दरोगा की अवैध मांग से परेशान होकर मनीष ने 23 अप्रैल को एंटी करप्शन टीम से इसकी लिखित शिकायत की। टीम ने शिकायत की पुष्टि की और शनिवार को जाल बिछाया।

  • योजना के मुताबिक, दरोगा ने मनीष को फोन कर थाने की तीसरी मंजिल पर स्थित अपने कमरे में बुलाया।

  • जैसे ही मनीष ने दरोगा छत्रपाल सिंह को 10,000 रुपये थमाए, पहले से अलर्ट एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगेहाथ दबोच लिया।

  • गिरफ्तारी के बाद टीम उसे कंकरखेड़ा थाने ले गई और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की।

पीड़ित की आपबीती: "बिना बरामदगी के फंसाया गया"

शिकायतकर्ता मनीष कुमार का आरोप है कि 17 नवंबर 2025 को पुलिस ने उन्हें और उनकी पत्नी को झूठा फंसाया था। उनके पास से कुछ भी बरामद नहीं हुआ था, फिर भी पुलिस कुर्की का नोटिस चस्पा कर दबाव बना रही थी। इसी दबाव से बचने के लिए दरोगा ने 10 हजार रुपये का सौदा तय किया था।

पुलिस विभाग का एक्शन

इस घटना के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। मेरठ एसपी सिटी विनायक भोसले ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दरोगा छत्रपाल सिंह को सस्पेंड कर दिया है।

"भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है। दरोगा के खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई है और पूरे प्रकरण की जांच सीओ दौराला को सौंपी गई है।" - विनायक भोसले, एसपी सिटी

आरोपी दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और उसे रविवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।