UP Exam Leak: एसएससी परीक्षा धांधली में STF का बड़ा खुलासा, 5 राज्यों में फैले हाईटेक नकल गिरोह के परीक्षा केंद्रों से जुड़े तार
2017 से तैयार की जा रही थीं मॉडिफाइड TFT स्क्रीन, 22 मई को नॉलेज पार्क केंद्र से शुरू हुई थी जांच
कर्मचारी चयन आयोग (SSC) समेत विभिन्न ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षाओं में हाईटेक तकनीकों के जरिए धांधली कराने वाले संगठित गिरोह को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ा खुलासा किया है। एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि नकल माफिया के तार सीधे परीक्षा केंद्रों के अंदरूनी प्रबंधन और तकनीकी सिस्टम से जुड़े हुए थे।
हाल ही में एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी लोकेश से पूछताछ में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। यह गिरोह केवल अभ्यर्थियों से पैसे लेकर नकल कराने तक सीमित नहीं था, बल्कि परीक्षा केंद्रों के संचालन और उनकी तकनीकी व्यवस्था में भी इस नेटवर्क की सीधी हिस्सेदारी थी।
2017 से तैयार की जा रही थीं मॉडिफाइड TFT स्क्रीन
जांच के दौरान एसटीएफ ने आरोपी लोकेश के कब्जे से 92 मॉडिफाइड टीएफटी (TFT) स्क्रीन बरामद की हैं। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह साल 2017 से ही इन विशेष इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को तैयार कर रहा था। आवश्यकता के अनुसार इन उपकरणों को अलग-अलग राज्यों में सक्रिय नकल गिरोहों को सप्लाई किया जाता था।
एसटीएफ की जांच के अनुसार, इस हाईटेक सिंडिकेट का नेटवर्क मुख्य रूप से पांच राज्यों में फैला हुआ है:
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उत्तर प्रदेश
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दिल्ली
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हरियाणा
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राजस्थान
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महाराष्ट्र
22 मई को नॉलेज पार्क केंद्र से शुरू हुई थी जांच
इस पूरे मामले की शुरुआत 22 मई 2026 को ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित एक परीक्षा केंद्र से हुई थी। एसएससी की ऑनलाइन परीक्षा के दौरान प्रॉक्सी सर्वर और सर्वर हैकिंग के जरिए धांधली का प्रयास किया जा रहा था। एसटीएफ ने शुरुआत में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पकड़े गए इंद्रजीत उर्फ योगी से पूछताछ के आधार पर राजस्थान के अलवर निवासी लोकेश का नाम सामने आया, जिसे 31 जुलाई को गिरफ्तार किया गया।
दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा भी एसटीएफ के रडार पर
एसटीएफ एसपी राजकुमार मिश्र के अनुसार, आरोपी लोकेश द्वारा बनाई गई मॉडिफाइड टीएफटी स्क्रीन का इस्तेमाल सिर्फ एसएससी परीक्षा तक सीमित नहीं था। अब दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा सहित कई अन्य प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में इन उपकरणों के इस्तेमाल की गहनता से जांच की जा रही है। एसटीएफ अब लोकेश द्वारा उपकरणों की डिलीवरी की तारीखों और उस दौरान आयोजित हुई परीक्षाओं का मिलान कर रही है।
इन प्रमुख सवालों का जवाब तलाश रही STF
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वर्ष 2017 से अब तक कुल कितनी ऑनलाइन परीक्षाओं में इन मॉडिफाइड उपकरणों का इस्तेमाल हुआ?
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5 राज्यों में फैले नकल गिरोहों तक ये 92 से अधिक स्क्रीन किस माध्यम से पहुंचाई गईं?
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परीक्षा केंद्रों के भीतर तैनात कर्मचारियों, तकनीकी स्टाफ या पूर्व कर्मचारियों की इसमें क्या भूमिका थी?
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दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा समेत कौन-कौन सी अन्य भर्ती परीक्षाएं इससे प्रभावित हुई हैं?
एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता से खिलवाड़ करने वाले इस संगठित सिंडिकेट के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।