UP Adulterated Paneer Action: यूपी में नकली और जहरीले पनीर पर बड़ा क्रैकडाउन! 24 टीमों ने गाजियाबाद
पनीर बनाने में हो रहा था औद्योगिक रसायनों और पामोलिन ऑयल का खेल; FSDA ने 7,686 किलो जहरीली सामग्री कराई नष्ट, 6 दर्ज हुईं FIR
भदैनी मिरर (राज्य / क्राइम डेस्क): उत्तर प्रदेश में मिलावटी और जहरीले दुग्ध उत्पादों, विशेष रूप से मिलावटी पनीर के काले कारोबार के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर गठित प्रदेश स्तरीय 24 विशेष प्रवर्तन टीमों ने गाजियाबाद, मथुरा और सहारनपुर की प्रमुख पनीर और दुग्ध निर्माण इकाइयों पर एक साथ आकस्मिक छापेमारी की।
इस व्यापक अभियान से हड़कंप मच गया है। जांच के दौरान पनीर बनाने में खाने योग्य चीजों के बजाय औद्योगिक इस्तेमाल वाले केमिकल, पामोलिन ऑयल और रिफाइंड वेजिटेबल ऑयल का खुलेआम इस्तेमाल पाया गया।
छापेमारी की बड़ी बातें: 25 इकाइयों पर गिरी गाज, 6 FIR दर्ज
विभाग की अचानक हुई इस कार्रवाई में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:
-
6 एफआईआर दर्ज: गंभीर अनियमितताओं, मिलावट और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में खाद्य सामग्री बनाने के आरोप में कुल 6 एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं। इनमें गाजियाबाद में 3 और मथुरा में 2 एफआईआर शामिल हैं। इसके अलावा सरकारी काम में बाधा डालने पर भी एफआईआर दर्ज कराई गई है।
-
25 निर्माण इकाइयों पर कार्रवाई: तीनों जिलों में 25 इकाइयों पर छापेमारी की गई, जबकि 3 इकाइयां मौके पर बंद (नॉन-ऑपरेशनल) पाई गईं।
-
7,686 किलो सामग्री नष्ट: मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक और गंदगी के बीच बनाई जा रही लगभग 10 लाख रुपये मूल्य की 7,686 किलोग्राम सामग्री को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।
-
2,131 किलो माल और अपमिश्रक जब्त: टीमों ने करीब 4.75 लाख रुपये की 2,131 किलोग्राम खाद्य सामग्री और मिलावट में इस्तेमाल होने वाले केमिकल (अपमिश्रक) जब्त किए।
पनीर में इंडस्ट्रियल केमिकल और पामोलिन ऑयल का खेल
जांच टीमों ने जब निर्माण स्थलों की पड़ताल की, तो पता चला कि पनीर में वसा (Fat) और सफेदी बढ़ाने के लिए सेहत के लिए घातक इंडस्ट्रियल रसायनों तथा सस्ते पामोलिन व रिफाइंड तेल का इस्तेमाल किया जा रहा था। इतना ही नहीं, यह सारा काम बेहद अस्वच्छ और बदबूदार माहौल में अंजाम दिया जा रहा था।
72 सैंपल लैब भेजे गए, रिपोर्ट के आधार पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
अभियान के दौरान प्रवर्तन टीमों ने कुल 72 खाद्य नमूने (Samples) एकत्र किए हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से राजकीय प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आते ही संबंधित फैक्ट्री मालिकों और मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI Act) के तहत और भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी मिलावटखोर को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे प्रदेश में ऐसे सरप्राइज चेक जारी रहेंगे।