बैंककर्मी बहू ने ही सुपारी देकर कराई थी चर्चित अधिवक्ता और अपने श्वसुर की हत्या, सुपारी किलर ने पहचाना
22 दिसंबर 2021 को घर के बाहर गोली मारकर हुई थी राजाराम वर्मा की हत्या
लम्बे समय तक पुलिस को छकाती रही बहू, मुम्बई से हुई गिरफ्तारी
कानपुर। कानपुर आईआईटी में डिप्टी रजिस्ट्रार रहे चर्चित अधिवक्ता राजाराम वर्मा हत्याकांड में पुलिस ने उनकी बहू रेखा वर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चौकानेवाला खुलासा किया कि बहू ने ही सुपारी देकर श्वसुर की हत्या कराई थी। पुलिस को उस पर संदेह तो था लेकिन यह शातिर महिला पुलिस को महीनों छकाती रही। आखिरकार जब सुपारी किलर से उसका सामना कराया गया तो उसने उसे पहचाना। कहाकि यही महिला थी जो कार से 50 हजार रूपये एडवांस उसे देने आई थी। पुलिस ने बहू रेखा वर्मा को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। पुलिस राजाराम की बहू रेखा वर्मा नवी मुंबई से दो दिन पहले गिरफ्तार किया है। अब पुलिस रेखा को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर कानपुर आई और खुलासा किया।
राजाराम की हत्या के 4-5 महीने बाद बहू रेखा वर्मा के बैंक खाते से राजबहादुर और उसके परिवार के खातों में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस को यह ट्रांजैक्शन संदिग्ध लगा। इस आधार पर जांच आगे बढ़ी। बाद में पुलिस ने सुपारी किलर अंकित यादव को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की तो बताया कि जब उसे हत्या के लिए 50,000 एडवांस दिए गए थे, तब कार में एक महिला भी मौजूद थी। पुलिस ने रेखा वर्मा के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकाले तो पता चला कि उसकी हत्या से जुड़े एक आरोपी से 78,000 सेकंड तक बातचीत हुई थी। पुलिस ने बहू रेखा को हत्याकांड की साजिश रचने के आरोप में जेल भेज दिया। पुलिस ने आरोपी रेखा से बुधवार को कई घंटे पूछताछ की, लेकिन वह लगातार कहानियां सुनाती रही। तभी पुलिस ने हत्या की सुपारी लेनेवाले अंकित यादव से सामना भी करा दिया। अंकित ने कहा देखते ही कहाकि बयाने के तौर पर 50 हजार रुपये देते समय यही महिला राम खिलावन के साथ आई थी। गौरतलब है कि नवाबगंज ख्योरा में 22 दिसंबर 2021 को अधिवक्ता राजाराम वर्मा की घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। नवाबगंज पुलिस ने उनके बेटे नरेंद्र देव की तहरीर पर एनआरआई सिटी के पदाधिकारी, राजबहादुर और दो अन्य अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया था।
जांच के बाद नवाबगंज के राम खिलावन, फतेहपुर के अंकित यादव, चौबेपुर के दिलनियाज व रोहित यादव को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से चारों को जेल भेजा गया। बाद में एफआईआर में नामजद आरोपियों के नाम हटा दिए गए। इस मामले में परिवार के नरेंद्र देव ने पिछले साल 19 नवंबर को पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से मुलाकात कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने की शिकायत की थी। उन्होंने पुलिस कमिश्नर, पुलिस मुख्यालय, मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर अग्रिम विवेचना की मांग की, लेकिन जांच नहीं हो सकी। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक दिलनियाज और अंकित यादव के बीच वायरल ऑडियो में महिला का नाम सामने आया था। उस समय दोनों कह रहे थे कि मटका तिराहे पर 50 हजार रुपये दिए गए हैं। पुलिस उस महिला की तलाश कर रही थी। अब अंकित यादव ने उसको पहचाना है। आरोपी के खिलाफ अब तक मिले साक्ष्यों के आधार पर हत्या की साजिश रचने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कोर्ट में पेश किया, जहां से उसको जेल भेज दिया गया।
राजाराम वर्मा के छोटे बेटे शिवाजी की पत्नी है रेखा
कोतवाली इंस्पेक्टर व विवेचक जगदीश पांडेय ने बताया कि रेखा वर्मा स्टेट बैंक की कर्मचारी और वह राजाराम वर्मा के छोटे बेटे शिवाजी की पत्नी हैं। सितंबर 2016 में बीमारी के चलते शिवाजी की मौत हो गई थी। इसके बाद 26 दिसंबर 2018 को रेखा वर्मा ने शारदा नगर क्यू ब्लॉक निवासी अधिवक्ता मनोज सक्सेना और नवाबगंज के सुक्खूपुरवा निवासी जितेंद्र कुमार सिंह के साथ 2.12 हेक्टेयर जमीन का एग्रीमेंट किया था। इस एग्रीमेंट में आराजी संख्या 2561 (ख), 2559 (क) और 2171 (क) शामिल थीं। जमीन के इस सौदे को लेकर परिवार में विवाद और तनाव बढ़ गया था।