Swami Avimukteshwaranand को मिलेगा राहत या झटका? अग्रिम जमानत पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई
प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज पॉक्सो व बीएनएस की धाराओं के मामले में राहत की मांग; पीड़ितों का मेडिकल व उम्र निर्धारण परीक्षण पूरा
वाराणसी,भदैनी मिरर। प्रयागराज में दर्ज पॉक्सो एक्ट के मुकदमे में Swami Avimukteshwaranand के लिए आज शुक्रवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। गिरफ्तारी से बचने के लिए दायर उनकी अग्रिम जमानत अर्जी आज हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। उनकी याचिका शुक्रवार की काजलिस्ट में शामिल है, जिस पर कोर्ट का फैसला आगे की कानूनी दिशा तय करेगा।
गौरतलब है कि विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट के आदेश के बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मुकदमा आशुतोष ब्रह्मचारी की अर्जी पर दर्ज हुआ है। मामले में उनके एक शिष्य मुकुंदानंद समेत तीन अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस जांच और मेडिकल परीक्षण
मामले की विवेचना के क्रम में पुलिस ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाले दोनों पीड़ितों का मेडिकल परीक्षण कराया है। आधिकारिक तौर पर पुलिस ने रिपोर्ट के निष्कर्ष साझा नहीं किए हैं, लेकिन सूत्रों के अनुसार उम्र निर्धारण और आरोपों की पुष्टि के लिए विस्तृत जांच की गई है। बताया जा रहा है कि मेडिकल रिपोर्ट अदालत में सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि अभी फोरेंसिक जांच की प्रक्रिया पूरी होना बाकी है और अंतिम निष्कर्ष उसी के आधार पर निकाला जाएगा। गुरुवार को दोनों पीड़ितों के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान भी दर्ज किए गए। हालांकि बयान की सामग्री को लेकर पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई अधिकृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
दांतों की जांच से उम्र का आकलन
फॉरेंसिक विशेषज्ञों के अनुसार, 25 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों की वास्तविक उम्र का निर्धारण करने के लिए दांतों का एक्स-रे और भौतिक परीक्षण किया जाता है। वहीं 25 वर्ष से अधिक आयु के मामलों में गुस्ताफसन विधि अपनाई जाती है, जिसमें दांतों के ऊपरी आवरण और घिसाव के आधार पर आयु का अनुमान लगाया जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की जांच तब कराई जाती है जब उम्र को लेकर संदेह हो या प्रमाणिक दस्तावेज उपलब्ध न हों। नौकरी, कानूनी विवाद या आपराधिक मामलों में भी इस विधि का उपयोग किया जाता है।
आज की सुनवाई पर टिकी निगाहें
अब सबकी निगाहें हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। यदि अदालत से अग्रिम जमानत मिलती है तो स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत मिल सकती है। वहीं, जमानत अर्जी खारिज होने की स्थिति में पुलिस कार्रवाई तेज हो सकती है।