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वॉट्सऐप पर लगाया सुसाइड का स्टेटस और फांसी के फंदे पर झूल गई महिला सिपाही

अलीगढ़ के जवाहर नगर कालोनी में हुई घटना से लोग स्तब्ध

 

आगरा जिले के किरावली क्षेत्र के बैमन गांव की रहने वाली थी हेमलता 

अलीगढ़। अलीगढ़ जिले में एक महिला कॉन्स्टेबल हेमलता (28) ने वॉट्सऐप पर सुसाइड का स्टेटस लगाया और जबतक पुलिस टीम घर पहुंचती उसने फांसी के फंदे पर लटकर जान दे दी। सुसाइड से पहले महिला कॉन्स्टेबल के सुसाइड का स्टेटस को साथी महिला पुलिसकर्मी ने देख लिया था। आनन-फानन में वह पुलिस टीम के साथ महिला कॉन्स्टेबल के घर पहुंची। बंद दरवाजे को तोड़कर पुलिसकर्मी अंदर घुसे। छत पर लगे लोहे के छज्जे पर लटक रही हेमलता को आनन-फानन में फंदे से उतारकर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

जानकारी के मुताबिक कॉन्स्टेबल हेमलता 2016 बैच की सिपाही थी। वह आगरा जिले के किरावली क्षेत्र के गांव बैमन की रहने वाली थी। हेमलता की तैनाती अलीगढ़ के रोरावर थाने में थी। लेकिन वह बन्नादेवी मोहल्ले के जवाहर नगर कालोनी में किराए के मकान में रहती थी। बताया जा रहा है कि महिला कॉन्स्टेबल ने मौत से पहले अपने मोबाइल वाट्सऐप पर सुसाइड स्टेटस लगाया। हालांकि फिलहाल यह स्टेट्स अभी तक सामने नहीं आया है। पुलिस और फॉरेसिंक टीम ने महिला कॉन्स्टेबल के कमरे की बारीकी से जांच की और उसका मोबाइल कब्जे में लेकर जांच-पड़ताल कर रही है। पुलिस ने मृतक महिला कॉन्स्टेबल के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटना की सूचना पर रोते-बिलखते परिजन पहुंचे।

कॉन्स्टेबल हेमलता के परिवार में पिता कर्मवीर सिंह, मां वैजयंती देवी के साथ दो भाई, एक बहन है। परिवार के लोग हेमलता की शादी के लिए लड़का तलाश रहे थे। सीओ कमलेश कुमार सिंह ने बताया कि महिला सिपाही ने फांसी लगा ली है। घटना की जांच कराई जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। सिपाही बेटी की आत्महत्या की खबर पाकर परिजनों व रिश्तेदारों संग हेमलता के पिता कर्मवीर सिंह पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती। उस पर कोई तो ऐसा दबाव था, जिस वजह से उसने ऐसा किया है। पुलिस इस मामले में जांच कर स्पष्ट करे। पिता ने कालोनी के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक कराने की मांग की है। 

पिता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सुबह उनकी बेटी से बात हुई थी। उसने बताया था कि उसकी छुट्टी मंजूर हो गई है। रिश्तेदारी में शनिवार को हो रही शादी में शामिल होने के लिए वह गांव आ रही है। इस पर उन्होंने यह कहकर फोन काट दिया कि आने पर बात करेंगे। कहाकि उनकी बेटी अपनी मर्जी से ही सिपाही बनी थी। कभी उसकी बातों से किसी तरह की परेशानी या ऐसा नहीं लगा कि वह इस तरह का कदम उठा लेगी। उस पर किसी तरह का कोई दबाव जरूर था। इस मामला उजागर होना चाहिए। एसएचओ एसपी सिंह ने बताया कि मोहल्ले के लोगों ने बताया कि घटना से कुछ देर पहले तक कमरे में अंदर व बाहर टहलते हुए फोन पर बतियाते देखी गई थी। उसने किसी शादी में जाने के लिए 29 नवंबर का अवकाश लिया था। 30 नवंबर को उसकी वापसी होनी थी। चर्चा है कि घटना से देर पहले कोई बाइक से हेमलता के कमरे पर आया था। पुलिस स्टीकर लगी बाइक से आया व्यक्ति कुछ देर रुकने के बाद चला गया।