उन्नांव पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद : कहा-यह कालनेमि वाला चरित्र ठीक नही है
गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा पर निकले शंकराचार्य बोले-गोमाता भारतीय संस्कृति और आस्था का आधार
प्रमाण और तर्क होगा तो असली हिंदू का चेहरा सामने आ जायेगा
लोगों से कहा-जो पार्टी गोमाता की रक्षा का संकल्प ले उसी को दें वोट
उन्नांव। गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा पर निकले ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सोमवार को उन्नांव जिले के बांगरमऊ पहुंचे। नगर के बाईपास मार्ग स्थित बोधेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित स्वागत सभा में कहाकि गाय भारतीय संस्कृति और आस्था का आधार है। गाय को राज्य माता और राष्ट्र माता घोषित किया जाना चाहिए। जो राजनीतिक पार्टी गाय की रक्षा का संकल्प ले उसी को वोट दिया जाना चाहिए। सभा में बिना मुख्यमंत्री का नाम लिए कहा कि जब गेरुआ वस्त्र पहनकर व्यक्ति गद्दी पर बैठा तो हमारी उम्मीदों को पंख लग गए। लेकिन उन्हें भी लगभग नौ साल हो गए और अभी तक गाय के लिए आगे नहीं आ सके हैं। यह कालनेमि वाला चरित्र ठीक नहीं है। वह कह रहे हैं कि असली हिंदू है और हम कह रहे है कि हम असली हिंदू है। अब जब इन्हीं दोनों के बीच प्रमाण और तर्क होगा और हिंदू का असली चेहरा सामने आ जाएगा।
इससे पहले उन्होंने भगवान बोधेश्वर महादेव के दर्शन व पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया। कहा कि संत समाज का दायित्व है कि वह समाज को सही दिशा दें। लोगों को धर्म व संस्कृति से जोड़ने का कार्य करें। लेकिन दुख और दुर्भाग्य इस बात का है कि सत्ता पाने के बाद लोग सनातन को भूल जाते हैं। शंकराचार्य ने कहाकि सरकारें गो माता को राज्य और राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग नहीं सुन रही हैं। इस कारण हमें जनता की आवाज बनकर आगे आना पड़ा।
उन्होंने कहा कि जो पार्टी गाय की रक्षा का संकल्प ले उसी को वोट दिया जाए। यदि सरकार हमारी मांगों पर निर्णय नहीं लेती है तो संत समाज आगे की रणनीति तय करेगा। उन्होंने देशवासियों को गो सेवा और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए आगे आने का संदेश दिया। कहाकि सनातनी होने का दावा करनेवालों को सनातन धर्म का भी पालन करना पड़ेगा। गेरूआ पहनने से कोई साधु या संत नही हो सकता। अचारण भी वैसा होना चाहिए। ऐसे धूर्तों से लोगों को सावधान रहने और उन्हें बेनकाब करने की जरूरत है। इससे पहले प्रातः लगभग 9 बजे यात्रा लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सेलिब्रेशन गेस्ट हाउस से बांगरमऊ के लिए निकले। रास्ते में उन्होंने शहर के सिविल लाइन में सपा की राष्ट्रीय सचिव अन्नू टंडन के पूर्वजों द्वारा बनाए गए मंदिर में पूजा अर्चना की और सफीपुर की ओर रवाना हो गए। सफीपुर में शंकरी देवी मंदिर पर लोगों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद बांगरमऊ पहुंचे। यहां से शंकराचार्य हरदोई होते हुए सीतापुर जिले के नैमिष चले गए। इस दौरान उनका जगह-जगह स्वागत हुआ।