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शामली: मेडिकल स्टोर संचालक के परिवार के कथित धर्मांतरण पर हंगामा, स्वामी यशवीर महाराज ने दी आंदोलन की चेतावनी

बघरा आश्रम के पीठाधीश्वर ने वीडियो जारी कर लगाए गंभीर आरोप; मेडिकल स्टोर संचालक ने कहा- 'हमारा परिवार हिंदू धर्म में रखता है पूरी आस्था'

 

भदैनी मिरर, शामली: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक मेडिकल स्टोर संचालक के परिवार के कथित धर्म परिवर्तन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बघरा स्थित योग साधना आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पुलिस और जिला प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे समाज के लोगों के साथ मिलकर बड़ा धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे।

प्रेम जाल और निकाह के जरिए धर्म परिवर्तन का आरोप

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में स्वामी यशवीर महाराज ने दावा किया कि शामली के हनुमानधाम क्षेत्र के निकट रहने वाले एक मेडिकल स्टोर संचालक के बेटे को करीब पांच वर्ष पहले दूसरे समुदाय की एक युवती ने प्रेम जाल में फंसाया था। आरोप है कि युवती ने युवक पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए बाद में धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया और उसका निकाह करा दिया। स्वामी यशवीर महाराज ने आगे यह भी आरोप लगाया कि केवल युवक ही नहीं, बल्कि उसके माता-पिता का भी धर्म परिवर्तन कराए जाने की सूचना उन्हें मिली है, जो बेहद चिंताजनक है।

10 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन

स्वामी यशवीर महाराज ने उत्तर प्रदेश सरकार और शामली पुलिस-प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा, "यह सीधे तौर पर समाज को प्रभावित करने वाला मामला है। अगर प्रशासन ने अगले 10 दिनों के भीतर मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की, तो योग साधना आश्रम और हिंदू समाज के लोग सड़कों पर उतरकर आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, जो कार्रवाई होने तक जारी रहेगा।"

परिवार ने आरोपों को नकारा, कहा- 'हमारी हिंदू धर्म में पूरी आस्था'

एक तरफ जहां स्वामी यशवीर महाराज के आरोपों के बाद क्षेत्र में सरगर्मी बढ़ गई है, वहीं दूसरी तरफ आरोपी बनाए गए मेडिकल स्टोर संचालक ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि धर्म परिवर्तन के आरोप पूरी तरह निराधार, गलत और भ्रामक हैं।

मेडिकल स्टोर संचालक ने स्पष्ट किया, "हमारा पूरा परिवार हिंदू धर्म में अटूट आस्था रखता है। हमारे घर में धर्मांतरण जैसी कोई बात या घटना नहीं हुई है। बेटे से जुड़ा हुआ जो भी मामला है, वह पूरी तरह से अलग है और परिवार अपने स्तर पर पारिवारिक परिस्थितियों को समझने और सुलझाने का प्रयास कर रहा है। इसे जबरन धार्मिक रंग देने की कोशिश की जा रही है।"

प्रशासन की चुप्पी, क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति

इस हाईप्रोफाइल और संवेदनशील मामले को लेकर पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। आरोपों और प्रत्यारोपों के इस दौर के बीच, अभी तक शामली पुलिस या जिला प्रशासन की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय खुफिया तंत्र (LIU) और पुलिस की टीमें मामले पर नजर बनाए हुए हैं।