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स्मार्ट प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता खत्म होने पर अखिलेश यादव बोले- 'यह जनता की जीत, लूट का पैसा वापस करे भाजपा'

पुराने 75 लाख प्रीपेड मीटर भी होंगे कन्वर्ट, सपा प्रमुख की मांग- एआई (AI) के जरिए बढ़े हुए बिलों का पैसा अगले बिलों में किया जाए एडजस्ट

 

लखनऊ/वाराणसी। उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर चल रहे लंबे विवाद और उपभोक्ताओं की भारी नाराजगी के बाद योगी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने बिजली कनेक्शनों में 'प्रीपेड' स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। अब उत्तर प्रदेश के सभी बिजली कनेक्शन पहले की तरह पोस्टपेड मोड में ही रहेंगे। यानी उपभोक्ता पूरे महीने बिजली इस्तेमाल करने के बाद अगले महीने बिल का भुगतान कर सकेंगे।

75 लाख कनेक्शनों पर भी असर

सरकार के इस फैसले से न केवल नए कनेक्शन लेने वालों को राहत मिलेगी, बल्कि पिछले एक साल में प्रीपेड मोड में लगाए गए 75 लाख से अधिक मीटरों को भी वापस पोस्टपेड मोड में बदला जाएगा। तकनीकी खामियों और 'पहले रिचार्ज, फिर बिजली' की व्यवस्था से परेशान आम जनता के लिए इसे एक बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।

अखिलेश यादव का हमला: 'भाजपा की लूट का माल है जनता का पैसा'

सरकार के इस फैसले पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता की जीत बताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा— "प्रीपेड मीटर की भ्रष्टाचारी व्यवस्था का हम सबका विरोध आखिरकार दंभी सरकार को झुका गया है। उप्र की जागरूक जनता भाजपा का अत्याचार और भ्रष्टाचार और नहीं सहेगी।"

एआई (AI) के जरिए रिफंड की मांग

अखिलेश यादव ने सरकार से मांग की है कि प्रीपेड मीटर के नाम पर जो बढ़ा हुआ बिल जनता से वसूला गया है, उसका तार्किक समायोजन (Logical Adjustment) अगले बिलों में किया जाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा— "जब एआई (AI) का प्रयोग वोटर लिस्ट से नाम काटने में हो सकता है, तो लॉजिकल एडजस्टमेंट के लिए क्यों नहीं? जनता से लिया गया पैसा भाजपा की लूट का माल है, जिसे लौटाना ही पड़ेगा। नहीं तो हम मिलकर नया आंदोलन करेंगे।"

क्यों पीछे हटी सरकार?

जानकारों की मानें तो स्मार्ट मीटरों में आ रही तकनीकी खराबी, बिना सूचना के बिजली कट जाना और विपक्ष द्वारा इसे बड़ा मुद्दा बनाए जाने के कारण सरकार ने यह बैकफुट पर जाने वाला फैसला लिया है। अब उपभोक्ताओं को पूर्व की भांति बिल भुगतान की सुविधा मिलेगी, जिससे निचले तबके के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।